चकरनगर। जिले में यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। सोमवार को नदी का जलस्तर 118.62 मीटर से बढ़कर 118.82 मीटर पहुंच गया। करीब 20 सेंटीमीटर की यह वृद्धि दर्ज होने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है।
यमुना का चेतावनी निशान 120.92 मीटर और खतरे का निशान 121.92 मीटर पर है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी निशान से करीब दो मीटर नीचे है। इसके बावजूद लगातार बढ़ते जलस्तर से किनारे बसे ग्रामीणों में बेचैनी है। नदी का पानी अब खेतों में बोई गई बाजरा और तिल की फसलों तक पहुंचने लगा है। इससे किसानों को फसल खराब होने की चिंता सता रही है। डिभोली, खीरीटी, ककरैया, गोहानी, नौगावा, हरौली बहादुरपुर, निभि, नीमाडाडा, भरेह, मितरोल और कंधेशीघार समेत कई गांवों पर इसका असर दिख रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है।
तहसील प्रशासन ने यमुना के बढ़ते जलस्तर को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने नदी के जलस्तर पर नजर रखनी शुरू कर दी है। एसडीएम रोहित कुमार मोर्य का कहना है कि अभी बारिश से यमुना में हल्का पानी बढ़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि चिंता की कोई बात नहीं है। प्रशासन जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है।
