इटावा। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट कुमार प्रशांत ने एक शिक्षक के अपहरण के तेरह साल पुराने मामले में पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने उन पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि भरथना क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल में कार्यरत शिक्षक माखन लाल शर्मा अपने साथी शिक्षक राजेश कुमार के साथ साइकिल से 13 मार्च 2007 को अपने स्कूल जा रहे थे। तब वह बंबा की पटरी पर पहुंचे तो कार सवार बदमाशों ने राजेश कुमार को रोककर अपहरण कर लिया। माखन लाल ने शोर मचाया तो आसपास के लोग एकत्रित हो गए। लोगों ने पीछा किया, लेकिन कार सवार बदमाश भाग जाने में सफल रहे।
माखन लाल शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण व एससीएसटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। शिक्षक राजेश कुमार 11 अप्रैल 2007 को किसी तरह से बदमाशों के चंगुल से मुक्त हो सके। पूछताछ के बाद नरेंद्र निवासी गाह पुरा कन्नौज, उसकी पत्नी रेखा, लाल सिंह निवासी गांव देवरासई भरथना, रामौतार निवासी गांव देवरासई भरथना, सत्यवीर शाक्य निवासी दासीपुरा भरथना और अरविंद निवासी सरैया कन्नौज के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने रेखा को छोड़कर अन्य सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। छानबीन के बाद उन सभी के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश कर दिए। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक रमा कांत चतुर्वेदी ने पैरवी करके साक्ष्य व गवाह पेश किए। इस पर कोर्ट ने नरेंद्र, लाल सिंह, रामौतार, सत्यवीर और अरविंद्र को दोषी पाया।
