फोटो 13::::स्वस्थ हुए बच्चे के साथ आयुर्विज्ञान विवि की टीम व बच्चे के परिजन। स्रोत विवि
– मैनपुरी से रेफर होकर नौ सितंबर को आया था, करैत सांप ने दो बार डसा था
संवाद न्यूज एजेंसी
सैफई। आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के बालरोग विभाग में सर्पदंश से गंभीर रूप से पीड़ित दो वर्षीय बच्चे का सफल उपचार किया गया। समय पर उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख के चलते बच्चे की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
मैनपुरी निवासी माधव को नौ सितंबर मैनपुरी जिला अस्पताल से गंभीर हालत में रेफर किया गया था। बच्चे को आयुर्विज्ञान विवि के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया था। प्रारंभिक परीक्षण के बाद उसे तत्काल बालरोग विभाग में भेजा गया। चिकित्सकों ने जांच में करैत सर्प के दो बार काटने की पुष्टि की थी। सर्पदंश के कारण बच्चे की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। उसकी हृदय गति लगातार कम हो रही थी। उसे बालरोग विभाग के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट में भर्ती कर वेंटिलेटर पर रखा गया।
उपचार के दौरान बच्चे को तत्काल 10 वायल एंटी-स्नेक वेनम दिया गया। विष का प्रभाव अपेक्षित रूप से कम न होने पर दोबारा 10 वायल एंटी-स्नेक वेनम दिया गया। बाल रोग विभाग के प्रोफेसर दुर्गेश कुमार के पर्यवेक्षण में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ ने बच्चे की लगातार निगरानी की। उपचार के परिणामस्वरूप तीसरे दिन बच्चे की स्थिति में सुधार प्रारंभ हुआ। उसे सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटा दिया गया। वर्तमान में बच्चे की स्थिति काफी सामान्य है। वह चिकित्सकीय निगरानी में स्वास्थ्य लाभ कर रहा है।
झाड़फूंक के चक्कर में न पड़ें, तुरंत कराएं इलाज
आयुर्विज्ञान विवि के बालरोग विभाग के डॉ. दुर्गेश ने क्षेत्रवासियों से अपील की है। सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं और मरीज को तत्काल निकटतम चिकित्सालय ले जाएं। झाड़-फूंक अथवा किसी अन्य गैर-चिकित्सकीय उपाय में समय बर्बाद न करें। समय पर अस्पताल पहुंचने और उचित चिकित्सा मिलने से जान बचाई जा सकती है।
