इटावा। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में सक्रिय टीबी खोज अभियान 23 नवंबर से पांच दिसंबर तक चलेगा। इसमें करीब 20 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा। अभियान के लिए 160 तीन सदस्यीय टीमें गठित कर दी गई हैं। टीमों को 21 नवंबर से दो दिवसीय प्रशिक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुपरवाइजर देंगे। यह जानकारी जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.शिवचरण हेंब्रम ने दी है।

डीटीएम डॉ. शिवचरण हेंब्रम ने बताया कि सर्वे टीमें घर-घर जाकर टीबी के मरीजों के लिए स्क्रीनिंग करेंगी और संदिग्ध लोगों के बलगम को पास के स्वास्थ्य केंद्रों पर परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। बलगम में टीबी की पुष्टि होने पर उनका सरकारी इलाज किया जाएगा। बलगम परीक्षण के लिए प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एलटी एवं एसटीएलएस की टीमें गठित कर दी गई हैं। शनिवार को जिला क्षय रोग नियंत्रण केंद्र में 32 सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया गया।

सुपरवाइजर प्रत्येक टीम के पांच से 10 घरों का औचक निरीक्षण कर टीमों के किए जा रहे सर्वे कर का पर्यवेक्षक करेंगे। सुपरवाइजर के प्रशिक्षण को योगेंद्र सिंह एसटीएस, अनस सुलेमान डीपीटीसी, जिला पीपीएम समन्वयक निर्मल सिंह, एसटीएलएस अनिल पाल, वैभव त्रिपाठी ने किया है।

सर्वे में यह लक्षण पूछे जाएंगे

दो सप्ताह से अधिक खांसी होना, बुखार आना, बलगम आना, बलगम के साथ खून आना, वजन कम होना, शाम के समय पसीना आना। टीबी मरीजों को निश्चय पोषण योजना का लाभ मिलेगा। टीबी मरीजों को अपने बैंक खाते व आधार कार्ड की छाया प्रति देनी होगी जिससे डीबीटी के माध्यम से उन्हें 500 रुपये प्रति माह खाते में भेजे जाएंगे।



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