जालौन/रामपुरा (5 अप्रैल, 2026): जनपद जालौन के रामपुरा-माधौगढ़ मुख्य संपर्क मार्ग पर आज उस समय भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब दर्जनों गांवों के आक्रोशित किसानों ने राजपुरा के पास सड़क पर चक्का जाम कर दिया। हाल ही में हुई भीषण ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसलों के उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सर्वे के नाम पर केवल खानापूर्ति का आरोप:
प्रदर्शनकारी किसानों का स्पष्ट आरोप है कि तहसील प्रशासन केवल सर्वे के नाम पर खानापूर्ति करता है। किसानों ने कहा कि इससे पहले धान के सीजन में भी भारी नुकसान हुआ था, तब भी सर्वे कराया गया लेकिन आज तक किसी एक किसान के खाते में फूटी कौड़ी तक नहीं पहुंची। प्रशासन द्वारा दिए जाने वाला मैं आपसे बहुत काम ना के बराबर प्रति एकड़ मुआवजे को किसानों ने “मजाक” करार दिया है।
पीड़ित किसान का छलका दर्द:
प्रदर्शन के दौरान अकबरपुरा निवासी किसान कमलेश की व्यथा सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। कमलेश ने भावुक होते हुए कहा— “हमारे घर में शादी है, लेकिन कुदरत के कहर ने कई बीघा फसल मिट्टी में मिला दी। अब न घर में दाना बचा है और न ही हाथ में रुपए। इतने कम मुआवजे में घर कैसे चलेगा और हम अपनी बहन-बेटियों की शादी कैसे करेंगे?”
प्रशासनिक आश्वासन के बाद खुला जाम:
जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसानों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही संतोषजनक मुआवजा नहीं मिला और पिछली लंबित राहत राशि जारी नहीं की गई, तो यह आंदोलन तहसील मुख्यालय तक जाएगा। अधिकारियों के ठोस आश्वासन और लिखित मांग पत्र लेने के बाद ही जाम खोला गया।
