पुलिस कितनी संवेदनशील है, इसका सच लोहिया अस्पताल की मोर्चरी के बाहर देखने को मिला। जवान बेटों संभव और प्रवीन के शव सामने रखे थे। उस वक्त पुलिस दोनों के परिजनों से बोली, बाजार से कपड़ा मंगवाओ। इसके बाद शवों को सील करेंगे।
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पुलिस कितनी संवेदनशील है, इसका सच लोहिया अस्पताल की मोर्चरी के बाहर देखने को मिला। जवान बेटों संभव और प्रवीन के शव सामने रखे थे। उस वक्त पुलिस दोनों के परिजनों से बोली, बाजार से कपड़ा मंगवाओ। इसके बाद शवों को सील करेंगे।
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