दुष्कर्म पीड़िता के मामले में पुलिस की गिरफ्त से दूर बबलू सिंह के अवैध कब्जे पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। इसी स्थान पर छह अप्रैल को भी अधिकारी बुलडोजर लेकर कब्जा हटवाने पहुंचे थे लेकिन उस समय बबलू ने साथियों के साथ भाजपा नेता होने की धौंस जमाकर अधिकारियों से झड़प कर ली थी। इसके बाद टीम को लौटना पड़ा था। अब बबलू के फरार होने के बाद प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार शाम दोबारा कार्रवाई करते हुए निर्माण को ढहा दिया। कब्जाई गई भूमि की कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई जा रही है।
खागा नौबस्ता मार्ग पर रोड से सटी गोचर भूमि पर बबलू सिंह सिंगरौर ने साथियों के साथ तीन दिन के भीतर पिलर खड़े कर कब्जा कर लिया था। शिकायत मिलने पर छह अप्रैल को नायब तहसीलदार और नगर पंचायत की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची थी लेकिन विरोध के चलते कार्रवाई नहीं हो सकी थी। बबलू ने इस भूमि पर 15 फीट अपनी निजी जमीन होने का दावा किया था। नगर पंचायत ने इसे पार्क के रूप में विकसित करने के लिए घेराबंदी कराई थी।
बृहस्पतिवार को तहसीलदार शैलजा कुमारी, ईओ देवहूति पांडेय, नायब तहसीलदार अरविंद कुमार और कोतवाल संजय पांडेय टीम के साथ पहुंचे और बुलडोजर चलवाकर लगभग 80 लाख रुपये मूल्य का निर्माण ध्वस्त कराया। करीब 15 बिस्वा भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। एसडीएम अभिनीत कुमार ने बताया कि बबलू सिंह और सभासद सुखेंद्र सिंह द्वारा कब्जा किया गया था जिसे हटा दिया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
