संवाद न्यूज एजेंसी

फतेहपुर। बकाया बिजली बिल वसूलने के लिए ऊर्जा निगम की ओर से चलाई गई ओटीएस योजना में सिर्फ 14.15 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने बिल जमा किया। अभी भी तीन लाख उपभोक्ताओं से लगभग साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये की वसूली होनी है। सबसे बड़े बकाएदार सरकारी विभाग के कार्यालय हैं। 31 दिसंबर तक बिल जमा नहीं किया, तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई होगी।

नवंबर में ऊर्जा निगम ने 3,39,113 उपभोक्ताओं पर 604 करोड़ रुपये बिजली के बिल बकाया दर्शाया था। विभाग ने एक नवंबर से उपभोक्ताओं की सहूलियत और अधिक से अधिक बिल जमा कराने के लिए ओटीएस (एक मुश्त समाधान) योजना लागू की थी।

योजना के तहत उपभोक्ताओं को किस्त के तौर पर बिल जमा करने और ब्याज माफ होने की सुविधा है। 31 नवंबर तक चले योजना के पहले चरण में उपभोक्ताओं को ब्याज में पूर्ण माफी थी जबकि एक दिसंबर 15 दिसंबर के बीच योजना के दूसरे चरण में 90 प्रतिशत ब्याज माफ हुआ।

वहीं अब योजना का तीसरा और आखिरी चरण चल रहा है। जिसमें 31 दिसंबर तक बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को ब्याज में 80 प्रतिशत छूट मिल रही है। साथ ही बिल को किस्त के तौर पर भी जमा कर सकते हैं। इसके बाद ऊर्जा मंत्री ने बकायेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

8,744 उपभोक्ता विभाग रडार पर

ऊर्जा निगम ने जिले के 8,744 उपभोक्ताओं की सूची तैयार की है। इसमें सबसे अधिक वसूली सरकारी विभागों से करनी हैं। उन पर कुल तीन अरब 37 करोड़ 45 लाख 47 हजार 314 रुपये बिजली बिल बकाया है। वहीं दस हजार रुपये से अधिक का बकाया बिल उपभोक्ताओं की भी लिस्ट तैयार है। योजना समाप्त होने तक यदि ऐसे उपभोक्ता बिल नहीं जमा करते तो उनका कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।

कोट

ओटीएस योजना के तहत बकायेदारों से बिजली का बिल वसूलने के लिए खूब प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। योजना समाप्त होने के बाद बिजली चोरी के उपभोक्ता और बड़े बकायेदारों के खिलाफ कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। – प्रमोद अग्निहोत्री, अधीक्षण अभियंता। ऊर्जा निगम।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *