संवाद न्यूज एजेंसी
बिंदकी। खरमास शुरू हो गए हैं। अब एक महीने तक शादी विवाह और शुभ कार्यों पर विराम लग गया। शुभ कार्यों के लिए 15 जनवरी तक लोगों को इंतजार करना होगा। 23 नवंबर देवोत्थान एकादशी से मांगलिक कार्यक्रमों शुरुआत हुई थी।
पं. ज्ञान शंकर तिवारी ने बताया कि 16 दिसंबर की देर रात से सूर्य वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश किया। इसके बाद से खरमास लग गया है। धनु राशि में सूर्य 30 दिन तक रहेगा। 15 जनवरी को मकर संक्रांति पर सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेगा। इसके एक दिन के बाद से शुभ कार्य 17 जनवरी से फिर शुरू होंगे। बताया की धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य देव जब गुरु की राशि धनु व मीन में प्रवेश करते हैं, तो वह अपने गुरु की सेवा में लग जाते हैं। इस दौरान उनका प्रभाव कम हो जाता है। इस समय कोई शुभ कार्य नहीं होते हैं। खरमास के कारण गुरु का बल भी काम हो जाता है। शुभ कार्य के दौरान गुरु व सूर्य दोनों का ही शुभ स्थिति में होना जरूरी है। इस वजह से खरमास में कोई शुभ कार्य नहीं होते।
………………………..
खरमास में ये करें और ये न करें
– विवाह, सगाई व अन्य मांगलिक कार्य, नए घर में प्रवेश, नए व्यापार की शुरुआत नहीं करें। इस माह में नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है। रोजाना सुबह सूर्य को जल अर्पण कर पूजा करें। गाय, गुरु, ब्राह्मण व सन्यासियों की सेवा करें।
