फतेहपुर। ठंड के मौसम में 76 हजार नौनिहाल बिना स्वेटर के स्कूल जाएंगे। डीबीटी पोर्टल में इन बच्चों के डाटा अपलोड न होने से इनके अभिभावकों के बैंक खाते में अभी तक स्वेटर और यूनिफार्म खरीद का बजट नहीं आया। ऐसे में इन बच्चों के पास गर्म कपड़ों की व्यवस्था नहीं है।
जिले के 2122 परिषदीय विद्यालयों के 2.60 लाख बच्चों में अभी तक 1.84 लाख बच्चों को यूनिफार्म, स्वेटर मिल पाया है। करीब 76 हजार बच्चे अभी तक वंचित हैं। प्रत्येक बच्चे के अभिभावक के बैंक खाते में डीबीटी पोर्टल के माध्यम से 12 सौ रुपये बैंक खाते में भेजे जाते हैं। इस धनराशि से दो सेट यूनिफार्म, एक स्वेटर, जूता मोजा, एक बैग के साथ शेष 100 रुपये में स्टेशनरी खरीदने का प्रावधान है। बजट से वंचित बच्चे अभी तक यूनिफार्म के बिना स्कूल जा रहे हैं, लेकिन अभी ठंड का मौसम दस्तक दे रहा है। ऐसे में गर्म कपड़ों की आवश्यक है, लेकिन धनाभाव में इन बच्चों को बिना स्वेटर के स्कूल जाना मजबूरी होगी।
उधर, बेसिक शिक्षा विभाग 1 लाख 84 हजार बच्चों को यूनिफार्म और स्वेटर बजट देने के बाद डीबीटी पोर्टल की तरफ ध्यान देना बंद कर दिया है। ऐसे में फिलहाल इन बच्चों को यह धनराशि मिलने की संभावना भी पूरी तरह से क्षीण है।
बेसिक शिक्षा विभाग एक लाख 84 बच्चों के अभिभावकों के खाते में यूनिफार्म, स्वेटर बजट भेजा जा चुका है। बहुतायत अभिभावकों ने इस धनराशि का उपयोग अन्य घरेलू कार्यो में कर लिया है। ऐसी स्थिति बहुतायत बच्चों को अभी तक नई यूनिफार्म तक नहीं मिल पाई। शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि वह अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को यूनिफार्म स्वेटर दिलाने के लिए अनुरोध कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। ऐसे में बहुतायत बच्चे अभी तक बिना यूनिफार्म के स्कूल जा रहे हैं।
आधारकार्ड, बैंक खाता विहीन बच्चों के डाटा डीबीटी पोर्टल में फीड नहीं हैं। इनके अलावा बड़ी तादाद में अभिभावकों ने गलत खाता नंबर दिया है। ऐसे में इन बच्चों के डाटा पोर्टल में फीड नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में इन बच्चों को यूनिफार्म बजट अभी तक नहीं मिला है।
-अखिलेश सिंह भदौरिया, डीसी सामुदायिक शिक्षा
