स्टांप चोरी के मामले में फंसे सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने प्रशासन की ओर से लगाया गया 4.64 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि के साथ ही डेढ़ फीसदी ब्याज की राशि जमा नहीं की। अब उनके खिलाफ राजस्व विभाग की ओर से आरसी जारी की गई है।
यह आरसी अब तहसील प्रशासन को भेज दी गई है। अधिकारियों को उनसे शीघ्र जुर्माना की राशि को वसूलने के आदेश दिए गए हैं। यह मामला वर्ष 2021-22 में घाटमपुर-बेनजीर क्षेत्र में खरीदी गई जमीनों से जुड़ा है। यहां पर सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम ने वर्ष 2021- 2022 में जमीन के चार रकबे खरीदे थे।
चार अलग-अलग जमीनों पर खरीदे गए स्टांप शुल्क पर चोरी का आरोप लगा था। वर्ष 2023 में तत्कालीन एसडीएम ने डीएम को इस मामले की रिपोर्ट भे्जते हुए स्टांप शुल्क चोरी की रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद डीएम कोर्ट में मामले को दर्ज किया गया था। डीएम कोर्ट में सुनवाई चली थी।
आठ अप्रैल को डीएम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए स्टांप चोरी का दोषी माना था। डीएम कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम को तीन अलग जमीनों के मामलों में स्टांप चोरी का दोषी माना था। उन पर डीएम कोर्ट ने उन पर 4.64 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।
डीएम कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम को डेढ़ फीसदी ब्याज के साथ धनराशि जमा करने के आदेश दिए थे लेकिन इसके लिए एक माह का वक्त दिया गया था। समयवधि पूरी होने के बाद भी अब्दुल्ला आजम ने कोर्ट में धनराशि जमा नहीं की। इसके बाद प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ आरसी जारी कर दी गई है।
राजस्व विभाग की ओर से यह आरसी तहसील प्रशासन को भेज दी गई है। अफसरों से कहा गया है कि आरसी जारी होने के बाद जुर्माना की राशि मय ब्याज के वसूल की जाए। प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) प्रेम किशोर पांडे ने बताया कि प्रशासन की ओर से जुर्माना राशि जमा न करने पर आरसी जारी की गई है। अधिकारियों को जुर्माना की राशि मय ब्याज के वसूलने को कहा गया है।