बढ़ती महंगाई, पीएम नरेंद्र मोदी की अपील और अब आयात शुल्क बढ़ाए जाने से सराफा कारोबार की मुश्किलें बहुत बढ़ गईं हैं। रोजाना 10 करोड़ रुपये की औसत बिक्री करने वाले शहर में इन दिनों कारोबार सात करोड़ रुपये तक सिमट गया है। इसमें लगभग तीन करोड़ रुपये रोजाना की की बड़ी कमी आ गई है, जिससे सराफा कारोबारी खासे चिंतित हैं। उनके सामने अपने शोरूमों का खर्च निकालने और स्टाफ को तनख्वाह देने का संकट पैदा हो रहा है। सराफा कारोबार से जुड़े अलीगढ़ के 20 हजार परिवार इससे प्रभावित हो रहे हैं।

बृहस्पतिवार को स्थानीय सराफा बाजार में सोने का भाव लगभग 1,58,000 प्रति दस ग्राम, जबकि चांदी 2,98, 000 रुपये किलो तक रही। आयात शुल्क छह से बढ़ाकर 15 फीसदी करने से इसका भाव और बढ़ा है। इस आयात शुल्क में पांच फीसदी का सेस भी शामिल है।


केंद्र सरकार को सराफा कारोबारियों के लिए कोई बीच का रास्ता निकालना चाहिए, ताकि कामकाज चलता रहे। अलीगढ़ में 20 हजार लोग इस कारोबार से जुड़े हैं, इसमें 14 हजार के करीब कर्मचारी और छह हजार कारोबारी हैं। इन सभी के सामने बड़ा आर्थिक संकट पैदा हो रहा है।-विजय अग्रवाल, अध्यक्ष अलीगढ़ सराफा कमेटी।


पहले अलीगढ़ में रोजाना औसतन 10 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा था, अब यह सिमट कर सात करोड़ पर आ गया है। आने वाले दिनों में इसमें और गिरावट होने की संभावना है। ऐसे में सराफा कारोबारियों और उनसे जुड़े कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो रहा है।-देवेश बी राजन, सराफा कारोबारी।


प्रधानमंत्री की अपील से पहले शोरूम पर भीड़ रहती थी, अब ग्राहक कम आ रहे हैं।-दीपक, शोरूम कर्मचारी।


पहले भीड़ रहती थी, लेकिन अब ग्राहक कम आ रहे है। अब तो हम खाली बैठे रहते हैं।-दिव्या, शोरूम कर्मचारी।


महंगा होने की वजह से लोग बहुत कम गहने खरीद रहे हैं। पीएम की अपील का भी असर है।-नीरू, मानिक चौक।


पीएम की अपील और महंगाई का असर है। सोना महंगा होने से अधिकांश लोग खरीदारी नहीं कर रहे।-लीना, पला रोड।


पहले से महंगा सोना आयात शुल्क बढ़ने के बाद और महंगा हुआ है, इसलिए लोग इससे दूर हो रहे हैं।-कामना यादव, स्वर्णजयंती नगर।



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