विशेष न्यायाधीश राजीव कुमार द्वितीय की अदालत ने बृहस्पतिवार को बेटी की हत्या में दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। कुरारा के झलोखर निवासी रामचरण ने 20 नवंबर 2020 को मौदाहा थाना पुलिस को शिकायती पत्र दिया था। बताया था कि उसने अपनी बेटी बिट्टन का विवाह मौदाहा थाना क्षेत्र के कुम्हरौड़ा गांव निवासी रमेश प्रजापति के साथ 25 वर्ष पूर्व किया था। दंपती के एक बेटी थी। रमेश लगातार बेटी बिट्टन और नातिन अनीता को प्रताड़ित करता रहा।
बिट्टन 20 नवंबर 2020 को खेत गई थी। जब वह लौटी तो पति को घर से बाहर चाकू व तमंचा लिए निकलते देखा। अंदर पहुंची तो उसने अपनी बेटी अनीता का शव पड़ा था। इसकी जानकारी उसने अपने पिता को दी है। सूचना पर पहुंचे पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अनीता की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने जांच के दौरान रमेश के पास से तमंचा, कारतूस और चाकू भी बरामद किया था। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए साक्ष्य व गवाहों को सुना। अदालत ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और तथ्यों के आधार पर दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अदालत ने दोषी रमेश प्रजापति को धारा 302 के अलावा 25 आर्म्स एक्ट व चाकू रखने के मामले में भी दो-दो साल की सजा सुनाई।
