सिकन्दराराऊ क्षेत्र अंतर्गत 17 अप्रैल सुबह करीब 11 बजे पुरदिलनगर रेलवे अंडरपास पर पुलिस कर्मियों और भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं के बीच उस समय झड़प हो गई, जब सैकड़ों महिला-पुरुष कार्यकर्ता हाथों में डंडे-सोटे लेकर गाड़ियों से गढ़मुक्तेश्वर जा रहे थे। इस दौरान एक दरोगा घायल हो गए, जबकि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बताया गया कि गढ़मुक्तेश्वर में किसी व्यक्ति द्वारा भारतीय किसान यूनियन भानु प्रताप गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप के खिलाफ अभद्र टिप्पणी किए जाने से किसानों में रोष व्याप्त था। इसी के विरोध में एटा, जलेसर, अवागढ़, शिकोहाबाद, मैनपुरी, किशनी और नारखी क्षेत्र से सैकड़ों किसान वाहनों के काफिले के साथ गढ़मुक्तेश्वर के लिए रवाना हुए थे।

काफिले के साथ एटा पुलिस के अधिकारी भी सुरक्षा व्यवस्था में लगे रहे। एसपी सिटी श्वेभाव पांडे, क्षेत्राधिकारी नितिन गर्ग, जेएन अस्थाना, एसडीएम संजय कुमार और कोतवाल शिवकुमार भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। पुरदिलनगर अंडरपास पर एक किसान कार्यकर्ता की गाड़ी का पहिया दरोगा रामनरेश के पैर पर चढ़ गया, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आई और वे मौके पर गिर पड़े। इसके बाद पुलिस और किसान यूनियन कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। आरोप है कि हंगामे के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने डंडों से निजी वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए।

मौजूद पुलिसस्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठी फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद कोतवाली से पंत चौराहे तक करीब चार बार पुलिस और किसान कार्यकर्ता आमने-सामने आए। बस स्टैंड पर भी एक वाहन रोके जाने पर पीछे चल रहे कार्यकर्ता लाठी-डंडे लेकर वापस लौट आए, जिससे फिर तनाव की स्थिति बन गई।



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