कालपी (उरई)। कानपुर और झांसी को जोड़ने वाले पुराने यमुना पुल से शुक्रवार सुबह से भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया जाएगा। अब भारी वाहनों को दुर्गा मंदिर के सामने से मोड़कर नए यमुना पुल की ओर भेज दिया जाएगा। दरअसल, पुल की बियरिंग की मरम्मत शुरू कर दी गई है। इसी के मद्देनजर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से डायवर्जन व्यवस्था लागू की गई है। गुरुवार शाम डीएम-एसपी ने भी व्यवस्थाओं को परखा।
कालपी स्थित यमुना पुल करीब चार दशक पुराना है। पुल में तकनीकी समस्या सामने आने के बाद इसकी मरम्मत आवश्यक हो गई है। इससे पहले लगभग एक दशक पूर्व ओवरलोडिंग के कारण पुल की बीम चटक गई थी, जिसे ठीक करने में करीब छह माह का समय लगा था। इस बार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पुल को ज्यादा नुकसान होने से पहले ही दुरुस्त करने की तैयारी कर रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग का रखरखाव कर रही कंपनी एनएचआईटी ने दुर्गा मंदिर चौराहे पर रूट डायवर्जन तैयार किया है। भारी वाहनों को नए पुल से निकाला जाएगा, जबकि चार पहिया वाहन पुराने पुल से ही गुजरते रहेंगे। यह व्यवस्था पुल की मरम्मत पूरी होने तक लागू रहेगी।
बृहस्पतिवार देर रात जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने एसडीएम मनोज कुमार सिंह के साथ मौके पर पहुंचकर डायवर्जन व्यवस्था का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परियोजना प्रबंधक उत्तम सिंह को निर्देश दिए कि यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए नगर सीमा से लेकर कानपुर सीमा तक पेट्रोलिंग की जाए और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि जाम की स्थिति बनने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, इसलिए सभी व्यवस्थाएं पहले से दुरुस्त कर ली जाएं। इस दौरान सीओ अवधेश कुमार सिंह और कोतवाली प्रभारी अजय ब्रह्म तिवारी भी मौजूद रहे।
पुल से प्रतिदिन सात हजार भारी वाहनों का रहता है आवागमन
कालपी। पुराने यमुना पुल से प्रतिदिन करीब सात हजार भारी वाहन गुजरते हैं। इनमें मुंबई, गुजरात, मध्य प्रदेश, कानपुर और लखनऊ रूट के ट्रक और बसें शामिल हैं। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य लंबा चल सकता है और सुरक्षा के लिहाज से भारी वाहनों को पुराने पुल से हटाना जरूरी हो गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद चौरा और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव बढ़ने की संभावना है। जिस मार्ग से भारी वाहनों को नए पुल की ओर मोड़ा जाएगा, वहीं से बालू घाटों के ट्रक भी निकलते हैं। ऐसे में जाम की स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है।
वर्जन
पुल से बड़े वाहनों के गुजरने पर रोक लगाई जा रही है। केवल छोटे वाहनों को ही पुराने पुल से गुजरने दिया जाएगा, जबकि ट्रक और बसों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जाएगा।
– उत्तम सिंह, परियोजना प्रमुख, एनएचआईटी।
