High Court: CBI needs only the approval of the Center to investigate crimes committed abroad

अदालत का फैसला।
– फोटो : अमर उजाला।

विस्तार


विदेश में अगर कोई भारतीय नागरिक अपराध करता है तो उसकी जांच के लिए सीबीआई को सिर्फ केंद्र की मंजूरी की जरूरी है। राज्य सरकारों की अनुमति की जरूरत नहीं है। विदेश में किए गए अपराध की जांच के लिए सीबीआई नोडल एजेंसी है।

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मेरठ की युवती की अमेरिका में हुई संदिग्ध मौत की जांच करने के लिए कोर्ट ने सीबीआई को जांच का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति वीके बिरला और न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की खंडपीठ ने मेरठ की कल्पना माहेश्वरी की याचिका पर दिया।

मेरठ निवासी याची कल्पना माहेश्वरी की पुत्री अंशु माहेश्वरी की शादी सुमित बियानी के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों अमेरिका चले गए। जहां अंशु की संदिग्ध हाल में मौत हो गई। याची ने इस मामले में दहेज हत्या की आशंका जताते हुए 28 सितंबर 2023 को मेरठ में मुकदमा दर्ज कराया।

15 अक्तूबर 2023 को सीनियर पुलिस अधीक्षक मेरठ ने पुलिस महानिरीक्षक मेरठ जोन को रिपोर्ट सौंपी जिसमें मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की गई। इसके बाद यूपी पुलिस के अधिकारियों ने मामलों को सीबीआई को सौंप दिया। मगर सीबीआई ने कुछ नहीं किया। इसपर याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। सीबीआई के अधिवक्ता ने दलील दी कि प्राथमिकी उत्तर प्रदेश में दर्ज है। मृतका यहीं की रहने वाली थी।

ऐसे में सीबीआई को जांच के लिए राज्य सरकार की अनुमति आवश्यक है। वहीं, याची का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने दलील दी कि सीआरपीसी की धारा 188 के तहत विदेश में किए गए अपराध की जांच के लिए सीबीआई को सिर्फ केंद्र सरकार की अनुमति की आवश्यकता होती है।

कोर्ट ने सीबीआई की दलील को खारिज करते हुए उसे अंशु माहेश्वरी की मौत की जांच करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने फैसले की प्रति मिलने के 15 दिन के भीतर जांच शुरू करने का निर्देश दिया। कहाकि दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत विदेश में रह रहे भारतीय नागरिक द्वारा किए गए अपराध की जांच के लिए सीबीआई को सिर्फ केंद्र सरकार की अनुमति की आवश्यकता है।

कोर्ट ने मई 2016 में डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग द्वारा जारी अधिसूचना का हवाला दिया। कहा कि विदेशों में किए गए अपराध की जांच के लिए सीबीआई को नोडल एजेंसी बनाया गया है। वही भारत से बाहर किए गए अपराध की जांच कर सकती है। इससे पूर्व राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि उसने अपनी तरफ से सीबीआई को जांच की अनुमति दे दी है।



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