अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। दहेज में 50 हजार रुपए व मोटरसाइकिल की मांग पूरी नहीं होने पर हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) कनिष्क सिंह की अदालत ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के वादी मुकदमा की पुत्री अर्चना की शादी 16 मई 2011 को ग्राम मड़ोरा निवासी यादवेंद्र सिंह यादव पुत्र गीरेंद्र के साथ हुई थी। अपनी हैसियत के अनुसार दो लाख रुपये नगद व एक लाख रूपया का सामान उपहार में दिया। शादी के बाद से अर्चना के ससुराल वाले कम दहेज का उलाहना देते हुए 50 हजार रूपये नगद व मोटर साइकिल की मांग करने लगे।
अर्चना के इन्कार करने पर ससुरालीजन उसे मारने-पीटने लगे। 15 मई 2012 को जब वह मांग के अनुरूप मोटरसाइकिल का पैसा देने पुत्री की ससुराल पहुंचा, तब ज्ञात हुआ कि अर्चना की 10 मई को ही मृत्यु हो चुकी। ससुराल जनों ने मृत्यु की सूचना नहीं दी। अंतिम संस्कार में नहीं बुलाया। न्यायालय के आदेश पर यादवेंद्र सिंह यादव, पिता समेत अन्य के खिलाफ बड़ागांव थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। कोर्ट ने प्रस्तुत साक्ष्य एवं गवाहों के आधार पर यादवेन्द्र सिंह यादव को धारा 304 बी का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास समेत अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक दीपक तिवारी ने की।
