IEA Global EV Outlook: इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) की नई Global EV Outlook रिपोर्ट के में भारत 2026 में भी दनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर बाजार बना रहा। देश में थ्री-व्हीलर्स की तुलना में से दो-तिहाई से ज्यादा इलेक्ट्रिक रहे। हालांकि दूसरी ओर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट की रफ्तार थोड़ी कम देखी गई है, जिसकी बड़ी वजह कम होती सब्सिडी और सख्त लोकलाइजेशन नियम बताए जा रहे हैं।
इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर में भारत का दबदबा
भारत ने इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर सेगमेंट में अपनी मजबूत पकड़ और मजबूत कर ली है। 2025 में देश में बिकने वाले कुल थ्री-व्हीलर्स में दो-तिहाई से ज्यादा इलेक्ट्रिक मॉडल्स रहे। वैश्विक स्तर पर थ्री-व्हीलर बिक्री करीब 16 प्रतिशत से घटकर 45 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई, लेकिन इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर बिक्री 12 लाख यूनिट्स से ज्यादा रही। इससे इस सेगमेंट का मार्केट शेयर 25 प्रतिशत के ऊपर पहुंच गया। रिपोर्ट के अनुसार चीन, भारत और तुर्किये ने मिलकर दुनिया की कुल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर बिक्री का 95% से ज्यादा हिस्सा अपने नाम किया।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में भारत दूसरे स्थान पर
भारत 2025 में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार बना रहा। हालांकि इस सेगमेंट में ग्रोथ अपेक्षा से कम रही। 2025 के दौरान लगभग 13 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स बिके, जो कुल घरेलू टू-व्हीलर बिक्री का करीब 6% हिस्सा है। इसके मुकाबले चीन का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। वहां 70 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स बिके और देश के कुल टू-व्हीलर बाजार में ईवी की हिस्सेदारी 55% से ज्यादा रही।
क्यों धीमी पड़ी ईवी टू-व्हीलर की रफ्तार?
IEA रिपोर्ट के अनुसार भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की ग्रोथ कई कारणों से प्रभावित हुई है। इनमें से कुछ इस प्रकार है…
1. सब्सिडी में कटौती
यह इसका सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। फेम-II योजना के तहत पहले प्रति kWh करीब170 डॉलर तक सब्सिडी मिलती थी, जो वाहन की कीमत का लगभग 40% तक कवर करती थी, लेकिन PM E-DRIVE योजना में इसे घटाकर लगभग 57 प्रति kWh डॉलर कर दिया गया। FY26 में यह और कम होकर 30 प्रति kWh से नीचे पहुंच गया।
2. सख्त लोकलाइजेशन नियम
नई ईवी नीति में लोकल कंटेंट को लेकर कड़े नियम लागू किए गए। इससे कई कंपनियों के लिए लागत बढ़ गई और कई मॉडल्स सब्सिडी के दायरे से बाहर हो गए।
3. ICE वाहनों पर GST राहत
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल टू-व्हीलर्स पर GST राहत मिलने से इलेक्ट्रिक मॉडल्स की कीमत प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई।
इलेक्ट्रिक बसों में भी भारत की मजबूत मौजूदगी
भारत लगातार दूसरे साल दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस बाजार बना रहा। 2025 में पहली बार देश में इलेक्ट्रिक बसों की बिक्री चार हजार यूनिट्स के पार पहुंच गई। इस बढ़ोतरी का बड़ा कारण सरकार के बड़े पब्लिक प्रोक्योरमेंट प्रोग्राम्स और पीएम ई-ड्राइव जैसी योजनाएं रहीं।
ग्लोबल ईवी बाजार में क्या हो रहा है?
वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री 15% बढ़कर करीब 1 करोड़ यूनिट्स तक पहुंच गई। अब दुनिया में बिकने वाले कुल टू-व्हीलर्स में लगभग 14% हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक मॉडल्स की है। रिपोर्ट बताती है कि आने वाले वर्षों में सरकारों की नीतियां, लोकल मैन्युफैक्चरिंग और बैटरी लागत ईवी बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगी।
