– पुलिस लाइन में करीब 300 तैनात, कमी से जूझ रहे थाने, बढ़ रहा विवेचनाओं का भार
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। थानों के जगह पुलिस लाइन में दरोगाओं की भरमार है। हालत यह है रेंज के तीनों जनपद (झांसी, ललितपुर एवं जालौन) में कुल 300 दरोगा पुलिस लाइन में ही ड्यूटी बजा रहे हैं। थानों में दरोगा न होने से जहां मुकदमों की जांच अटकी हुई है वहीं, मामलों की चार्जशीट भी समय पर नहीं लग पाती। इसके चलते थानों में विवेचनाओं का बोझ भी बढ़ता जा रहा है।
झांसी रेंज के तीनों जनपदों में यही हाल है। पुलिस विभाग के आंकड़ों के मुताबिक झांसी में कुल 413 दरोगा तैनात किए गए हैं। महज 231 ही थानों में हैं जबकि शेष पुलिस लाइन में मौजूद हैं। थानों में 55 फीसदी की ही तैनाती है। महानगर के नवाबाद, सीपरी बाजार, कोतवाली, बबीना जैसे थाने दरोगाओं की कमी झेल रहे हैं। यहां विवेचनाओं का बोझ बढ़ता जा रहा है। सिर्फ सिटी एवं सदर सर्किल में ही करीब 300 विवेचनाएं लंबित हैं।
जालौन में भी यही हाल है। यहां 305 दरोगा तैनात हैं लेकिन, थाने में सिर्फ 181 भेजे गए जबकि 124 पुलिस लाइन में तैनात हैं। इनके पास दो टाइम की परेड करने का काम है हालांकि ललितपुर में हालात कुछ बेहतर है। यहां कुल 251 तैनात हैं। इनमें से 181 थाने में हैं जबकि 70 पुलिस लाइन में है। यहां 72 प्रतिशत की थाने में तैनाती है। थानों में दरोगा न होने से सभी जगह विवेचनाओं पर गहरा असर पड़ता है। थानों में दरोगाओं की कम तैनाती किए जाने पर डीआईजी कलानिधि नैथानी भी नाराजगी जता चुके हैं।
समीक्षा के दौरान थानों में उपनिरीक्षकों की कमी पाई गई है। इस कमी को दूर करने के लिए तीनों जनपदों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। धीरे-धीरे करके यहां थानों में उपनिरीक्षकों की कमी को पूरा किया जाएगा। – कलानिधि नैथानी, डीआईजी
