उरई। दो महीने से भटक रहे पात्रों को आखिरकार मंगलवार को अपने आवासों पर कब्जा मिल गया। सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पालिका की टीम कांशीराम काॅलोनी पहुंची। यहां कब्जेदारों को बाहर कर पात्रों को उनके आवास पर कब्जा दिलाया। हालांकि जो लोग पहुंचे नहीं थे, उस पर पालिका ने कब्जा ले लिया। दो अवैध कब्जेदारों ने कुछ दिन की मोहलत मांगी है।

कोंच रोड पर दो कांशीराम कॉलोनी हैं। यहां पिछले कुछ दिनों से आवंटन के बावजूद पात्र अपने आवास में नहीं रह पा रहे थे। कब्जेदार आवास नहीं छोड़ रहे थे। इस वजह से उन्हें भटकना पड़ रहा था। पालिका समेत समाधान दिवस में भी अधिकारी उन्हें निराश लौटने को विवश कर रहे थे। अमर उजाला ने 23 नवंबर के अंक में कागजो में आवास, कई पात्र निराश शीर्षक से अधिकारियों को जगाने का प्रयास किया। उसके बाद एडीएम नमामि गंगे विशाल यादव ने पात्रों को आवास दिलाने के लिए टीम बनाई और सर्वे का काम शुरू हुआ। इसमें 14 अवैध कब्जेदारों की सूची तैयार की गई।

इतनी कार्रवाई के बाद भी जब भटकने को पात्र मजबूर दिखे तो अमर उजाला ने सात दिसंबर के अंक में आवंटन के बावजूद 12 लोगों को कब्जा नहीं दिला पा रहा प्रशासन, शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित की। उसके बाद हरकत में आई टीम ने मंगलवार को शहर कोतवाली पुलिस के साथ सिटी मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार व नगर पालिका ईओ विमलापति, कर अधीक्षक गणेश प्रसाद कार्रवाई करने कांशीराम कालोनी पहुंचे।

आसिया को 42/520, सोना देवी को 93/1109, साहीन 2/15, पूजा वर्मा 91/1082 पर कब्जा दिलाया। आवास संख्या 37/443 पर ताला जड़ा। मंजू देवी के आवास संख्या 104/1240 व सरोज के आवास 11/251 पर मौजूद अवैध कब्जेदारों ने मोहलत ली।रोशनी, रजनी देवी, केशर झा, सोनी, सलमा पहुंची नहीं, उन्हें बाद में आवंटित किया जाएगा। ईओ ने बताया कि इनमें महिला साहीन पात्र होने पर उसे मंगलवार को आवंटित करते हुए आवास पर कब्जा दिलाया गया है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *