उरई। जिला अस्पताल में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे पीपीपी मॉडल पर संचालित सीटी स्कैन मशीन ने काम करना बंद कर दिया। परेशान तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। सीएमओ डॉ. एचएन प्रसाद मौके पर पहुंचे और सीटी स्कैन केंद्र के कर्मचारियों से जानकारी ली। हालांकि, करीब दो घंटे बाद तकनीकी समस्या दूर होने पर जांच दोबारा शुरू हो सकी।
जिला अस्पताल में सोमवार को सुबह से ही सीटी स्कैन कराने वाले मरीजों की भीड़ लगी थी। दोपहर 12 बजे तक करीब 19 मरीजों की सीटी स्कैन जांच की जा चुकी थी। इसी बीच मशीन के साफ्टवेयर में तकनीकी समस्या आने लगी। इसके चलते जांच की प्रक्रिया प्रभावित हो गई और काम बंद हो गया। मरीज और उनके तीमारदार काफी देर तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
वहीं, जांच के बाद फिल्म भी नहीं मिल पा रही थी। इससे मरीजों और तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलने पर सीएमओ डॉ. एचएन प्रसाद जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सीटी स्कैन केंद्र के कर्मचारियों से खराबी के संबंध में जानकारी ली और मरीजों की समस्या को जल्द दूर कराने के निर्देश दिए। दोपहर करीब दो बजे तक सीटी स्कैन का काम प्रभावित रहा। इसके बाद तकनीकी समस्या दूर होने पर जांच का काम फिर शुरू हो गया।
सीटी स्कैन कराने आए सचिन और रामबाबू ने बताया कि जांच के लिए पंजीकरण कराने के बाद काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। मशीन में खराबी आने के कारण करीब दो घंटे से अधिक समय तक सीटी स्कैन नहीं हो सका। तकनीकी समस्या दूर होने के बाद ही जांच हो पाई।
ग्रामीण क्षेत्र से आए मरीजों को हुई परेशानी
कदौरा क्षेत्र के मवई अहीर गांव की लता व मोहित भी सीटी स्कैन कराने के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन मशीन में आई समस्या के कारण उन्हें परेशानी हुई।
वर्जन
मशीन के साफ्टवेयर में परेशानी के कारण दिक्कत हो रही है। कंपनी के अधिकारियों को समस्या से अवगत करा दिया गया है। सोमवार को 38 मरीजों की सीटी स्कैन जांच की गई।
धीरज, सीटी स्कैन इंचार्ज
