उरई। चुर्खी थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के बाद विधवा की हत्या कर शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने के दोषी राजेश साहू को कोर्ट ने उम्रकैद सुनाई। कोर्ट ने 42 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 13 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी ने आरोपी राजेश साहू को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 42 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे 13 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
28 दिसंबर 2019 को चुर्खी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने पुलिस को सूचना दी थी कि 25 दिसंबर की रात उनके बाड़े में आग लगने से उनकी रिश्ते की विधवा चाची की मौत हो गई थी। जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि महिला की पहले हत्या की गई और फिर साक्ष्य मिटाने के लिए आग लगाई गई।जांच के दौरान गांव के राजेश साहू का नाम सामने आया। राजेश अक्सर महिला के घर आताजाता था। विवेचना में आरोपी राजेश साहू को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के एक दिन बाद गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि उसने महिला से दुष्कर्म करने के बाद विरोध करने पर गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर एडीजे प्रथम ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी घटना के बाद से ही जेल में बंद था।
अपनी लंगोट से घोट दिया था महिला का गला
आरोपी राजेश साहू ने महिला से दुष्कर्म किया। जब महिला ने उसका विरोध किया तो आरोपी ने अपनी ही लंगोट से उसका गला घोंट दिया। महिला की मौत हो जाने पर आरोपी ने खुद को फंसता देख शव को आग के हवाले कर दिया था। जब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया था।
