आटा। थाना क्षेत्र के भदरेखी गांव में सोमवार को भैंसों को नदी से बाहर निकालने के दौरान 65 वर्षीय वृद्धा जमीला का पैर फिसल गया। वह नून नदी के गहरे पानी में चली गईं और तेज बहाव में बह गईं। करीब 16 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद मंगलवार सुबह गांव के बाहर नदी के पुल में उनका शव फंसा मिला।
भदरेखी निवासी हबीब की पत्नी जमीला (65) सोमवार को गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर भुजरया के पास भैंसें चरा रही थीं। इसी दौरान भैंसें पानी पीने के लिए नून नदी में चली गईं। उन्हें बाहर निकालने के लिए जमीला नदी किनारे पहुंचीं और आवाज लगाने लगीं। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वह नदी के गहरे पानी में चली गईं। तेज बहाव के कारण वह देखते ही देखते बह गईं।
नदी के दूसरे छोर पर मौजूद उनके छोटे बेटे अनीस ने मां को नदी में डूबते देखा। उसने शोर मचाया और गांव पहुंचकर परिजन को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक जमीला तेज बहाव में काफी दूर बह चुकी थीं। सूचना पर आटा पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और फायर सर्विस की टीम की मदद से नदी में तलाश शुरू कराई। देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलने के बावजूद उनका पता नहीं चल सका।
एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड कंपनी को भी सूचना दी गई थी। टीम उस समय औरैया में यमुना नदी में डूबे व्यक्ति की तलाश में लगी थी। इस कारण वह मौके पर नहीं पहुंच सकी। रात अधिक होने पर सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया।
मंगलवार सुबह करीब छह बजे भदरेखी गांव के बाहर नून नदी के पुल में ग्रामीणों को एक शव फंसा दिखाई दिया। सूचना पर थानाध्यक्ष अभिलाष मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को नदी से बाहर निकलवाया। शिनाख्त जमीला के रूप में हुई। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जमीला के पति हबीब की कई वर्ष पहले मौत हो चुकी है। उनके दो बेटे शरीफ और अनीस हैं। मां की मौत के बाद दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बेटे के सामने नदी में डूबी मां, कुछ न कर सका
जमीला के नदी में डूबने का दृश्य उनके छोटे बेटे अनीस ने अपनी आंखों से देखा। वह नदी के दूसरे छोर पर था। मां का पैर फिसलने के बाद वह गहरे पानी में जाने लगीं तो अनीस ने उन्हें बचाने के लिए आवाज लगाई और उनकी ओर दौड़ा, लेकिन तेज बहाव के कारण जमीला देखते ही देखते बह गईं। मां को आंखों के सामने नदी में डूबता देख अनीस चीखता-चिल्लाता रहा, लेकिन चाहकर भी उन्हें बचा नहीं सका।
