उरई। शासन की तरफ से दी गई मियाद के बाद भी जिले की कई सड़कों की हालत अभी तक नहीं सुधर पाई है।

जिससे लोगों को इन गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि इन सड़कों की स्थिति प्रतिदिन खतरनाक होती जा रही है, लेकिन फिर भी इसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। वहीं, विभागीय अधिकारियों ने कागजों में सड़कों को गड्ढामुक्त कर दिया है।

जिले में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए 15 नवंबर तक का समय दिया गया था, लेकिन मियाद खत्म होने के बाद भी जिले की कई सड़कों की सूरत नहीं बदल पाई है। जिससे लोगों को गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा है। कई बार इन गड्ढों में गिरकर लोग चुटहिल हो चुके हैं। जानकारी के बाद इन सड़कों की तरफ विभाग का ध्यान नहीं जा रहा है, जिससे लोगों में विभागीय अधिकारियों के प्रति रोष है। लोगों का कहना है कि अधिकारी कागजों में सड़कों को सही दिखा देते हैं, लेकिन हकीकत देखने वाला कोई नहीं है।

पीडब्ल्यूडी के एई नंदकिशोर का कहना है कि लगभग सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करा दिया गया है। जो सड़कें अधिक खराब हो गई हैं। उन्हें नया बनाया जाएगा।

विकासखंड कुठौंद के आल बिजवाहा मार्ग 15 वर्ष पहले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत दो किलोमीटर बनाया गया था। लेकिन सड़क में गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं। शिकायत के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं है। आल गांव के पूर्व प्रधान रामस्वरूप दोहरे ने बताया कि 15 वर्ष पहले यह सड़क बनाई गई थी। बीच में दो-तीन बार सड़क की मरम्मत भी हुई, लेकिन इस बार की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिससे सड़क बदहाल पड़ी है। गांव में मरीजों व अन्य लोगों को कुठौंद आने में सड़क पर गड्ढे और उखड़ी पड़ी गिट्टी होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार सड़क खराब होने की वजह से हादसे भी हो जाते हैं।

सुरावली गांव को कस्बा कुठौंद से जोड़ने वाली मुख्य सड़क गड्ढामुक्त अभियान के बाद भी सही नहीं हो सकी। गांव के प्रधान प्रतिनिधि विवेक पाठक ने बताया यह सड़क 20 वर्ष से बदहाल पड़ी है। कुठौंद गोहन मार्ग से गांव को जाने वाला डेढ़ किलोमीटर मार्ग से डामर खत्म हो चुका है। सड़क में कई फुट गहरे गड्ढे हो गए हैं। सड़क खराब होने से कुठौंद में पढ़ने वाले छात्रों को बहुत परेशानी होती है। गांव से गर्भवती महिलाओं को ले जाने वाली एंबुलेंस भी परेशान हो जाती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक सहित प्रशासन से सड़क मरम्मत की कई बार गुहार लगाई, लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं हो सकी।

सिम्हारा से पाल सरैनी होते हुए पुल के रास्ते कानपुर देहात जाने वाले इस मार्ग की लंबाई पांच किलोमीटर है। सही सड़क में जाने वाले व्यक्ति को केवल 10 मिनट लगते हैं, लेकिन खराब सड़क होने से लोगों को 30-40 मिनट का समय लग जाता है। इस मार्ग में आए दिन हादसे होते रहते हैं।



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