उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मरीज की मौत के बाद सोमवार रात परिजनों ने हंगामा कर चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों से इलाज के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। आरोप है कि मरीज को इंजेक्शन लगाने के बाद उसकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

कदौरा थाना क्षेत्र के परौसा गांव निवासी संतराम कुशवाहा (50) करीब डेढ़ माह पहले हादसे में घायल हो गए थे। हादसे में उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था। परिजनों ने उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था, जहां उनके पैर में छड़ डाली गई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने घर पर आराम करने की सलाह दी थी।

परिजनों के अनुसार 17 अगस्त को छड़ निकालने के लिए संतराम को दोबारा मेडिकल कॉलेज बुलाया गया था, लेकिन छड़ नहीं निकल सकी। इसके बाद डॉक्टरों ने दोबारा पट्टी कर उन्हें घर भेज दिया। सोमवार रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर फिर मेडिकल कॉलेज पहुंचे।

मृतक के बेटे आलोक सिंह का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उनके पिता का सही तरीके से इलाज नहीं किया। डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टरों से उपचार के लिए काफी गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। विरोध करने पर चिकित्सकों द्वारा अभद्रता करने का भी आरोप लगाया।

मौत के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में हंगामा किया और मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने बताया कि वह मामले में कोतवाली में तहरीर देंगे। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

दो दिन में मांगी जांच रिपोर्ट

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि मरीज की मृत्यु के संबंध में चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा जांच शुरू कर दी गई है। तीन वरिष्ठ चिकित्सकों और उनके साथ कार्यरत कनिष्ठ चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। घटनाक्रम की पृथक जांच के लिए दो वरिष्ठ आचार्य स्तर के अधिकारियों की समिति गठित की गई है। इसमें चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष वर्मा और फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत अवस्थी को शामिल किया गया है। समिति को दो दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर शिथिलता बरतने वाले चिकित्सकों और कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

फोटो - 28 मृतक संतराम कुशवाहा की फाइल फोटो।

फोटो – 28 मृतक संतराम कुशवाहा की फाइल फोटो।– फोटो : Archive



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