
पर्वत सिंह बादल उरई (ब्यूरो चीफ जालौन) ✍️ (उरईजालौन) उरई: जालौन उप कृषि निदेशक एस० के० उत्तम ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के कृषकों को गौवंश एवं जंगली जानवरों से फसलों को सुरक्षा प्रदान करने हेतु सोलर फेन्सिंग योजना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि क्लस्टर आधारित सोलर फेन्सिंग- न्यूनतम 10 हे0 से अधिक के फार्मर क्लस्टर समूह का गठन कर क्लस्टर हेतु अनुमानित कम्पोजिट सोलर फेन्सिंग औसतन 1500 रनिंग मीटर जिस पर कृषक समूह को 80 प्रतिशत अनुदान प्रस्तावित है (गेट, सोलर पैनल बैटरी, वायर आदि सहित) उसी क्लस्टर में न्यूनतम 500 कृषि वानिकी/सहजन के पौधों का रोपड़ कराया जायेगा जिससे बायोमास उत्पादन, पोषण व्यवस्था के साथ-साथ भूमि एवं जल संरक्षण मे भी लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि मॉडल नं०-1 में ऊंचाई 1.5मी०(05 फिट) अनुमानित लागत रु० 10.87 लाख, अनुदान(80 प्रतिशत) रु० 8.69 लाख, कृषक अंश(20 प्रतिशत) रु० 2.18 लाख, मॉडल नं०-2 में ऊंचाई 1.8मी०(06 फिट) अनुमानित लागत रु० 11.64 लाख, अनुदान(80 प्रतिशत) रु० 9.31 लाख, कृषक अंश(20 प्रतिशत) रु० 2.33 लाख, मॉडल नं०-3 में ऊंचाई 2.10मी०(07 फिट) अनुमानित लागत रु० 08.79 लाख, अनुदान(80 प्रतिशत) रु० 7.03 लाख, कृषक अंश(20 प्रतिशत) रु० 1.76 लाख है। उन्होंने बताया कि उक्त आगणन अनुमानित हैं, कृषक अंश वास्तविक आगणन के अनुसार देय होगा। उन्होंने योजना का क्रियान्वयन के बारे में बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु दलहन, तिलहन, श्री अन्न उत्पादक, कृषको के जो समूह गठित किये जायेंगे उसके अध्यक्ष/लीडर कृषक द्वारा आवेदन किया जायेगा। आवेदन लक्ष्य से अधिक प्राप्त होने पर जिलाधिकारी / मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा लाटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जायेगा। सोलर फेन्सिंग का कार्य क्लस्टर के आधार पर किया जायेगा, प्रत्येक जनपद हेतु निर्धारित लक्ष्यों में से 25 प्रतिशत लक्ष्य क्रियाशील कृषक उत्पादक संगठन (FPO) हेतु मात्राकृत करते हुए लाभार्थियों का चयन एफ०पी०ओ० सदस्यों में से किया जायेगा।
प्रत्येक चयनित क्लस्टर जिसका क्षेत्रफल न्यूनतम 10 हे0 तक के लाभार्थियों को औसतन 1500 रनिंग मीटर तक सोलर फेन्सिंग के लिए अनुदान सुविधा अनुमन्य हो सकेगी। लाभार्थी के क्षेत्रफल के अनुसार आवश्यक फेन्सिंग की लम्बाई, का स्थलीय सत्यापन तथा अन्य अभिलेखों को अधिकारी द्वारा सत्यापित करते हुये ही वास्तविक फेन्सिंग की लम्बाई समानुपातिक क्षेत्रफल के अनुसार अनुदान सुविधा अनुमन्य होगी।
योजनान्तर्गत लाभार्थी के अन्तिम रूप से चयनित होने के उपरान्त लाभार्थी के क्षेत्रानुसार सोलर फेन्सिंग की कुल लागत, अनुमन्य अनुदान एवं कृषक अंश आंकलित करते हुए उसे स्वीकृति पत्र ऑनलाईन/ऑफलाईन उपलब्ध कराया जायेगा।
अतः समस्त किसान भाईयों से अनुरोध है कि दिनांक 05.09.2025 तक https://agridarshan.up.gov.in/ पर उपरोक्तानुसार कम से कम 10 हे0 का क्लस्टर बनाकर योजना का लाभ ले सकते है। अधिक जानकारी के लिए उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय अथवा उप कृषि निदेशक कार्यालय जालौन में सम्पर्क कर सकते है।