नगर निगम प्रशासन ने आखिरकार आंतिया ताल की देखरेख एवं संचालन का ठेका निरस्त करने के बाद उसे सील करते हुए अपने कब्जे में ले लिया। संबंधित फर्म की ओर से पिछले कई माह से किराया एवं बिजली का बिल नहीं चुकाया जा रहा था। इस वजह से करीब 9 लाख रुपये का बकाया हो गया था।
स्मार्ट सिटी मिशन के जरिये आंतिया ताल का सुंदरीकरण कराने के बाद 15 सितंबर 2023 को इसके संचालन एवं देखरेख का जिम्मा अयांश मिनरल नामक एजेंसी को सौंपा गया था। इसके एवज में एजेंसी को नगर निगम को किराया के साथ ही बिजली बिल का वहन खुद से करना था। कुछ समय तक तो एजेंसी ने शर्तों के मुताबिक नगर निगम को किराये के तौर पर 65 हजार रुपये अदा किया लेकिन, पिछले करीब चार महीने से उसने किराया जमा करना बंद कर दिया था। बिजली का बिल भी फर्म की ओर से जमा नहीं किया जा रहा था। बिजली का बिल भी करीब 7 लाख रुपये बकाया हो चुका था। कंपनी को नगर निगम की ओर से कई बार नोटिस दी गई। इसके बावजूद फर्म संचालक ने किराया जमा नहीं कराया। कई नोटिस के बाद भी फर्म की ओर से जवाब न देने पर बुधवार को निगम टीम ने उसे सील कर लिया और संचालन अपने हाथ में ले लिया। अपर नगर आयुक्त राहुल यादव ने बताया कि संबंधित फर्म को कई बार नोटिस दी गई थी। इसके बाद यह कार्रवाई की गई।
