इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की नामांकन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई। पहले दिन सपा एमएलसी और प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव के प्रतिनिधि समेत सात ने पर्चा लिया। दूसरी तरफ, भाजपा ने अशोक कुमार राठौर को प्रत्याशी घोषित कर दिया।

नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत के साथ ही मंडलायुक्त झांसी न्यायालय कक्ष समेत पूरे परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। दोपहर तीन बजे नामांकन पत्र लेने की समयसीमा थी। हालांकि, कुछ दावेदार और उनके प्रतिनिधि देर से पहुंचे। ऐसे में उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा गया। तय कार्यक्रम के मुताबिक नाम निर्देशन के लिए अंतिम तिथि छह अक्तूबर को सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक रहेगी। वहीं, डीएम गौरांग राठी भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे।

साढ़े तीन साल पहले भाजपा में शामिल हुए अशोक

भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार राठौर उरई के रहने वाले हैं। वह करीब साढ़े तीन साल पहले शिक्षक एमएलसी चुनाव के दौरान भाजपा में शामिल हुए थे। हालांकि, तब वह खुद भी चुनाव के दावेदार थे और पर्चा भी दाखिल कर दिया था। उससे पहले हुए शिक्षक एमएलसी चुनाव में वह दूसरे स्थान पर रहे थे।

24 साल बाद पिछली बार सपा के खाते में आई थी सीट

झांसी। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 24 साल बाद पिछली बार सपा के खाते में यह सीट आई। इससे पहले चार चुनावों में भाजपा ने ही जीत दर्ज की।

इस क्षेत्र में हुए पिछले छह चुनावों के आंकड़े देखें तो डॉ. यज्ञदत्त शर्मा भाजपा के टिकट पर लगातार चार बार इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से शिक्षक एमएलसी निर्वाचित हुए। हालांकि, सबसे पहले 1990 में उन्होंने चुनाव लड़ा था, तब वह जनता दल के प्रत्याशी रमेश चंद्र श्रीवास्तव से लगभग 1700 मतों से हार गए थे। फिर 1996 में उन्होंने भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा और सपा प्रत्याशी रमेश चंद्र श्रीवास्तव को लगभग पांच हजार वोटों से हराकर डॉ. यज्ञदत्त शर्मा उच्च सदन में पहुंचे। यज्ञदत्त ने दूसरा चुनाव 2002 में जीता। इस चुनाव में उन्होंने सपा प्रत्याशी डॉ. प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव को लगभग 7500 मतों से हराया। 2008 में उनका मुकाबला निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. बाबूलाल तिवारी से हुआ। कड़े मुकाबले में डॉ. यज्ञदत्त ने जीत की हैट्रिक लगाई। वर्ष 2014 के चुनाव में उनका मुकाबला एक बार फिर डॉ. बाबूलाल तिवारी से हुआ लेकिन इस बार डॉ. बाबूलाल तिवारी बसपा का समर्थन लेकर मैदान में उतरे थे। कड़े मुकाबले के बीच यज्ञदत्त द्वितीय वरीयता के मत पाकर 4,732 मत से विजयी हुए। हालांकि, 24 साल तक एमएलसी रहने वाले डॉ. यज्ञदत्त 2020 में सपा प्रत्याशी डॉ. मानसिंह यादव से 4333 वोटों से चुनाव हार गए।



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