स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के तहत महानगर में स्लोगन और पेंटिंग के काम में बड़े स्तर पर बिल का खेल सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन ने सबक लिया। इस बार स्लोगन और क्रिएटिव डिजाइन के काम का अलग-अलग टेंडर निकाला गया। निविदा प्रक्रिया के बाद फर्मों के काम का चयन भी हो गया है।
नगर निगम हर साल स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत प्रमुख स्थानों पर दीवारों की मरम्मत, घिसाई, सफेद पुट्टी और पेंटिंग कराता है। इसके अलावा सामुदायिक शौचालयों की रंगाई-पुताई के साथ स्वच्छता संबंधी स्लोगन भी लिखे जाते हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के लिए टीम के आने से पहले दिसंबर 2024 में दर अनुबंध के आधार पर एक फर्म को यह काम दिया गया था। नगर निगम ने तीन वर्कऑर्डर जारी कर काम कराया। फर्म की ओर से 1.23 करोड़ रुपये का बिल थमा दिया गया। बाद में नगर आयुक्त ने दोबारा माप कराई तो काम सिर्फ 30 लाख का सामने आया। बाद में कटौती कर फर्म को लगभग 28 लाख रुपये का ही भुगतान हुआ। बिल में खेल के बाद निगम प्रशासन अलर्ट हो गया। स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 के लिए स्लोगन लेखन और क्रिएटिव डिजाइन के लिए अलग-अलग टेंडर निकाले गए। निविदा प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।
इस दर पर उठा टेंडर
पिछले साल दोनों काम एक साथ हुए थे और 44 रुपये वर्ग फीट की दर से काम कराया गया था। इस बार स्लोगन लेखन का टेंडर 39.70 रुपये वर्ग फीट में उठा है। जबकि, क्रिएटिव डिजाइन का टेंडर तीसरी बार में 45.90 रुपये वर्ग फीट की दर से उठा है।
पिछली बार काम करने वाली फर्म ने नहीं डाली निविदा
बताया गया कि पिछली बार जिस फर्म को ये काम मिला था, इस बार उसने निविदा डाली ही नहीं। ऐसे में ये भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि फर्म ने निविदा प्रक्रिया में हिस्सा क्यों नहीं लिया।
इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत स्लोगन लेखन और क्रिएटिव डिजाइन का अलग-अलग काम होने से पारदर्शिता बढ़ेगी। काम शुरू होने से पहले और पूरा होने के बाद जीपीएस फोटो भी लगानी होगी। काम का मूल्यांकन करने के बाद ही भुगतान किया जाएगा। – आकांक्षा राणा, नगर आयुक्त।
