प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सेंध लगाने वाले 10 नामजद आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद पुलिस ने उन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस इन आरोपियों की तलाश में जुटी है।
अमर उजाला ने पीएम फसल बीमा योजना में घपले का भंडाफोड़ किया था। इस खबर का संज्ञान लेकर उपनिदेशक (कृषि) महेंद्र पाल सिंह ने 17 दिसंबर को गरौठा थाने में सिमरधा निवासी मनोज कुमार गुप्ता, उमेश कुमार, पूनम देवी, फूलन देवी, रेषू, भारती, रोशनी देवी, राममूर्ति, छविलाल एवं उमेश कुमार के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस दोबारा कसेगी शिकंजा
इन सभी पर दूसरे के खेतों की आराजी संख्या लगाकर बीमा की रकम हड़पने का आरोप है। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी घर छोड़कर भाग निकले। पुलिस उनका सुराग लगाने में जुटी हुई थी लेकिन इस बीच आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल कर दी। हालांकि इसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद अब पुलिस दोबारा से उन पर शिकंजा कसने जा रही है।
सांसद की जमीन पर फर्जीवाड़ा
सीओ (गरौठा) देवेंद्र मिश्रा का कहना है कि पुलिस इस मामले में विधिक कार्रवाई कर रही है। वहीं, सांसद अनुराग शर्मा की जमीन पर फर्जीवाड़ा करके बीमा की रकम हड़पने के आरोपी उरई के डाकोर निवासी ऋतिक तिवारी को भी पुलिस अभी तक पकड़ नहीं सकी। उसके खिलाफ प्रेमनगर थाने में मामला दर्ज है।
