सुबह गांव की गलियों में चहलकदमी, घर में बना बुंदेली खाना, खेत-खलिहान की सैर और ग्रामीण परिवार के साथ बैठकर स्थानीय जीवन को समझना… लाडपुरा खास आने वाले पर्यटकों के लिए यह किसी होटल में ठहरने से अलग अनुभव है। ओरछा से करीब आठ किलोमीटर दूर बसे इस गांव ने अपने घरों को ही पर्यटन का हिस्सा बनाकर बुंदेली संस्कृति से पर्यटकों को जोड़ दिया है।
