प्रेमनगर के राजगढ़ निवासी कहर सिंह (45) ने अपने बेटे के सामने ही फंदा लगाकर जान दे दी। बेटा अपने पिता को खिड़की से बेबस होकर फंदे पर लटकता देखता रह गया। उसके दरवाजा पीटने के बाद भी पिता ने दरवाजा नहीं खोला। आसपास के लोगों की मदद से जब तक दरवाजा तोड़ा गया, उसकी जान जा चुकी थी।
राजगढ़ निवासी कहर जीविकोपार्जन के लिए प्राइवेट काम करता था। वह पत्नी मालती और बेटे छोटू के साथ रहता था। परिजनों के मुताबिक थोड़ी ही दूर पर उसकी ससुराल है। मालती चार दिन से मायके में रह रही थी। घर पर कहर अपने बेटे के साथ था। सोमवार दोपहर में कहर सिंह अपना कमरा बंद कर साड़ी से फंदा लगा रहा था। खिड़की से उसे फंदा लगाते बेटे ने देख लिया। वह पिता से दरवाजा खोलने की मिन्नतें करने लगा, लेकिन पिता ने दरवाजा नहीं खोला। छोटू ने शोर मचाते हुए आसपास के लोगों को बुला लिया। शोर शराबा सुन आसपास के लोग जमा हो गए। थोड़ी देर में पुलिस पहुंच गई। स्थानीय लोगों की मदद से जब तक दरवाजा तोड़ा जाता, उसकी मौत हो चुकी थी। परिजन उसकी मौत की वजह नहीं बता सके। उसकी मौत से परिवार में रोना-पिटना मचा है। निरीक्षक रवि श्रीवास्तव के मुताबिक अभी सुसाइड की सही वजह मालूम नहीं चल सकी है। छानबीन कराई जा रही है।
