झांसी। पुरानी रंजिश के चलते गोदभराई समारोह के दौरान हरिशंकर (45 वर्ष) की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने चाचा अतर सिंह, भतीजे रोहित और हरीबाबू समेत तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश एडीजे (न्यायालय-2) देवाशीष की अदालत ने तीनों दोषियों को दोषसिद्ध कर दंडित किया। साथ ही दो दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक अन्य आरोपी की मृत्यु हो चुकी है।
अभियोजन के अनुसार, नवाबाद थाना क्षेत्र के कोछाभांवर गांव में 8 अक्तूबर 2016 को महेश के घर बेटी की गोदभराई का कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम में छनियापुरा निवासी विनीता अपने पति हरिशंकर के साथ शामिल होने गई थीं। विनीता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 10 साल पुरानी रंजिश के चलते रोहित और बांदा निवासी हरीबाबू ने गोदभराई के दाैरान उसके पति हरिशंकर को बुलाया। वहां मौजूद प्रभुदयाल अहिरवार, अतर सिंह सहित अन्य लोगों ने गाली-गलौज की और इसी दौरान प्रभुदयाल ने बंदूक से हरिशंकर के सीने में गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल हरिशंकर को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने प्रभुदयाल, अतर सिंह, रोहित और हरीबाबू के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अंतिम सुनवाई शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश एडीजे देवाशीष की अदालत में हुई। बचाव पक्ष ने आरोपियों को झूठा फंसाए जाने की दलील दी, लेकिन सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर अदालत ने अतर सिंह, उसके भतीजे रोहित और हरीबाबू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने अतर सिंह को आयुध अधिनियम के तहत भी दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की अतिरिक्त सजा सुनाई। वहीं, मुकदमे के विचारण के दौरान आरोपी प्रभुदयाल की मृत्यु हो जाने से उसके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त हो गई।
सभी प्रत्यक्षदर्शी गवाह मुकर गए, एफएसएल रिपोर्ट बनी अहम साक्ष्य
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) संजय देव शर्मा ने बताया कि मुकदमे के दौरान सभी प्रत्यक्षदर्शी गवाह पक्षद्रोही हो गए थे। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह पेश किए। इसके बावजूद एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की रिपोर्ट अभियोजन के लिए निर्णायक साक्ष्य साबित हुई। वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
