झांसी। समाज कल्याण विभाग की तकनीकी खामी की वजह से बीयू के सामान्य एवं अनुसूचित जाति के करीब 250 विद्यार्थियों भड़क गए। एकजुट विद्यार्थी बीयू के प्रशासनिक भवन पहुंचे और छात्रवृत्ति का डाटा फाइनल सबमिट नहीं होने का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता देख डीएम ने लखनऊ में उच्चाधिकारियों से वार्ता की। तब जाकर सोमवार रात तक समस्या का निदान हुआ।
भड़के विद्यार्थियों ने बताया सोमवार को फाइनल डाटा सबमिट होना था, जो नहीं हो रहा है। यदि डाटा सबमिट नहीं हुआ तो वह छात्रवृत्ति से वंचित हो जाएंगे। इस पर कुलसचिव ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को फोन मिलाया मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं, दूसरी तरफ छात्र आंदोलन के मूड में आ गए। मामले की गंभीरता देख तुरंत डीएम को अवगत कराया गया। इस पर डीएम ने लखनऊ में उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। जिस पर बीयू के इंजीनियरिंग विभाग की सात ब्रांच में से दो की समस्या का रात को निदान हुआ। इसके बाद करीब 75 विद्यार्थियों का फाइनल डाटा सबमिट हुआ। उप निदेशक समाज कल्याण ने आठ सितंबर यानी मंगलवार की शाम तक के लिए पोर्टल खोलने का भरोसा दिया। जिस पर विद्यार्थियों का गुस्सा शांत हुआ।
कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि इंजीनियरिंग विभाग की सात ब्रांच में से दो का डाटा रात को सबमिट कर दिया है। शेष पांच का डाटा मंगलवार को सबमिट होगा। उप निदेशक ने मंगलवार को भी पोर्टल खुलने का भरोसा दिया है। हर विद्यार्थी संतुष्ट होकर वापस गया है।
0- पत्रकारिता विभाग के समन्वयक बने डॉ. राघवेंद्र
झांसी। बीयू के पत्रकारिता विभाग के समन्वयक कौशल त्रिपाठी का कानपुर विवि में प्रोफेसर पद के लिए चयन हुआ है। इस वजह से उन्होंने पद छोड़ दिया है। उनके स्थान पर समन्वयक डॉ. राघवेंद्र त्रिपाठी को बनाया गया है।
