झांसी। झांसी की बेटी और रेलवे कर्मी सोनिया कुशवाहा ने 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन की चोटी को फतह करने के लिए पर्वतारोहण अभियान की शुरुआत कर दी है। उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने सोनिया को राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) सौंपकर इस साहसिक अभियान के लिए रवाना किया।
मध्यवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली सोनिया के पिता हरिमोहन कुशवाहा एलीट चौराहे के पास मोबाइल की दुकान चलाते हैं। तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर की सोनिया की प्रारंभिक पढ़ाई लोकमान्य तिलक इंटर कॉलेज में हुई, जहां उनका रुझान खेल (हॉकी) की ओर हुआ था। वर्ष 2019 में रेलवे में जूनियर क्लर्क के पद पर चयन होने के बाद उन्होंने गोलकीपर के रूप में उत्तर मध्य रेलवे और भारतीय रेल का प्रतिनिधित्व किया तथा कई प्रतियोगिताओं में पदक भी जीते। अब उन्होंने पर्वतारोहण के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करने की ठानी है।
लद्दाख के नून-कुन समूह का हिस्सा है माउंट कून
लद्दाख की सुरू घाटी में स्थित माउंट कुन (7,077 मीटर) नून-कुन पर्वत समूह की प्रमुख चोटियों में शामिल है। माउंट नून की ऊंचाई 7,135 मीटर है। माउंट कुन को दुनिया की अत्यंत चुनौतीपूर्ण 7,000 मीटर श्रेणी की पर्वत चोटियों में गिना जाता है।
सोनिया का अब तक का पर्वतारोहण सफर
वर्ष 2023 में सिक्किम की 15,500 फीट ऊंची रेनोक पीक पर सफल चढ़ाई। वर्ष 2024 में उत्तराखंड के थलय सागर कैंप-2 तक 17,388 फीट की ऊंचाई हासिल की। वर्ष 2025 में हिमाचल प्रदेश के माउंट शिनकुन वेस्ट पर 20,219 फीट की ऊंचाई और माउंट रामजक के कैंप-2 तक 17,060 फीट की ऊंचाई दर्ज की। अब 7,077 मीटर ऊंचे माउंट कुन के शिखर पर तिरंगा फहराना उनके पर्वतारोहण सफर की अब तक की सबसे बड़ी चुनौती और उपलब्धि होगी।
