– मेडिकल कॉलेज: मरीज शिफ्ट करने के लिए एंबुलेंस कर्मचारी को फोन लगाते रहे डॉक्टर

अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में डीजल न मिल पाने से एंबुलेंस के पहिए थम गए हैं। सिर्फ एक एंबुलेंस मरीजों को स्थानांतरित कर रही है। मरीज को शिफ्ट करने में तीन-तीन घंटे का समय लग गया। वहीं, इमरजेंसी में बेड खाली न होने से कई मरीज भर्ती नहीं हो पाए। बिना इलाज उन्हें लौटना पड़ा।

मेडिकल में पांच एंबुलेंस हैं। एक एंबुलेंस एडवांस लाइफ सपोर्ट है, जो कि किसी वीआईपी के आने पर इस्तेमाल होती है। बाकी, चार एंबुलेंस में से एक से फ्लूड आदि एक से दूसरी जगह ले जाया जाता है। जबकि, तीन एंबुलेंस मरीज को इमरजेंसी से वार्ड, सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक से वार्ड आदि जगहों पर स्थानांतरित करती हैं। बताया गया कि मेडिकल कॉलेज में जिस पेट्रोल पंप से डीजल मिलता है, उस पर 60 लाख से अधिक की उधारी हो गई है। ऐसे में पंप ने डीजल देना बंद कर दिया है। इससे एंबुलेंस के लिए डीजल का संकट खड़ा हो गया है। हाल ये है कि दो एंबुलेंस बुधवार से पूरी तरह खड़ी हो गई हैं। सिर्फ एक एंबुलेंस से मरीज ट्रांसफर किए जा रहे हैं।

इन्हें करना पड़ा इंतजार

………………………..

केस-1

………

तीन घंटे बाद गायनी में हो पाई भर्ती

सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में भर्ती पूजा को शाम पौने पांच बजे गायनी ब्लॉक में स्थानांतरित करना था। एक ही एंबुलेंस चलने के कारण तीन घंटे बाद मरीज शिफ्ट की जा सकी।

केस-2

………

मेडिसिन वार्ड में दो घंटे बाद हुआ शिफ्ट

वार्ड नंबर आठ में भर्ती हरिशंकर को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक से मेडिसिन वार्ड आठ में स्थानांतरित किया जाना था। मगर दो घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची। तब मरीज यहां से शिफ्ट हो पाया।

वर्जन..

पेट्रोल पंप को डीजल का बकाया भुगतान के लिए शासन से बजट मांगा गया है। जल्द ही बजट मिलने की उम्मीद है। – डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *