कानपुर में 10 वर्षों तक मुख कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से संघर्ष करने वाले 51 वर्षीय नीरज शुक्ला अब खेल के मैदान में अपनी नई पहचान बना रहे हैं। 27 से 31 जनवरी तक पुणे में आयोजित आठवें नेशनल मास्टर गेम्स की बैडमिंटन चैंपियनशिप में नीरज ने उत्तर प्रदेश की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक जीता। पांच बड़ी सर्जरी और 100 से अधिक टांकों के दर्द को झेलने के बावजूद नीरज का जज्बा और हौसला आज भी अटूट है।
उनका संघर्ष और वापसी देशभर के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन रही है। पांडुनगर निवासी नीरज को वर्ष 2015 में मुख के कैंसर का पता चला था। इसके बाद 2016, 2019, 2021 और 2025 में उन्हें पांच जटिल सर्जरी से गुजरना पड़ा। इन सर्जरी के निशान और दर्द आज भी उनकी जिंदगी का हिस्सा हैं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। डॉक्टरों की सलाह पर रिकवरी के लिए बैडमिंटन की ओर बढ़ने वाले नीरज ने अब इसी खेल में अपना भविष्य तलाशना शुरू कर दिया है।
