अधिवक्ता अखिलेश दुबे ने सीने में रिवाल्वर लगा बोला था कि जो कह रहा हूं उतना कर के आ जाओ नहीं तो जेल जाओगे या ऊपर। इस दौरान वहां दो-तीन पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। यह बात जनरलगंज के कपड़ा कारोबारी संजय अग्रवाल ने अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ पुलिस कमिश्नर कार्यालय में सोमवार को दी शिकायत में कही। उन्होंने आरोपियों पर दुकान के नाम पर 92 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। अधिकारियों ने एसआईटी को जांच दे दी है।
शांतिनगर कैंट निवासी संजय अग्रवाल की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार उनकी जनरलगंज में कई साल पुरानी थोक व फुटकर कपड़े की दुकान थी। तीन साल पहले उनका स्वास्थ्य कुछ ठीक नहीं था जिसकी वजह से दुकान का संचालन भी प्रभावित हो रहा था। दिसंबर 2022 में पास की श्यामचरन मार्केट में कपड़े का व्यापार करने वाला सनी युग, हिमानी चुग, सुनील चुग, लवी मिश्रा को लेकर दुकान पर आया। उसने कहा कि आपकी दुकान में पार्टनरशिप कर और पूंजी लगाकर बड़े रूप में काम किया जाएगा। उन्हें अखिलेश दुबे के साकेतनगर स्थित कार्यालय ले जाया गया। वहां पर अखिलेश दुबे ने उनसे कहा कि तुम्हारी दुकान की कीमत एक करोड़ रुपये है जिसमें से पचास लाख तुम्हारे पार्टनरशिप के होंगे। पचास लाख सनी चुग दुकान में लगाएगा तथा पचास लाख रुपये देगा। अगर दुकान छोड़ना चाहो तो एक करोड़ रुपये मिल जाएंगे।
संजय अग्रवाल का आरोप है कि उन्हें धोखा देने के लिए आठ लाख रुपये चेक के माध्यम से दिलवाए गए। उनसे कहा गया कि दुकान का जीएसटी रजिस्ट्रेशन मकान मालिक से मिलकर हिमानी चुग के नाम ट्रांसफर करा दो। रुपये मेरे पास (अखिलेश दुबे) जमा है मैं दूंगा। उन्होंने दुकान ट्रांसफर करने से पहले रकम मांगी तो अखिलेश दुबे ने उनके सीने में रिवाल्वर सटाकर धमकी दी। उससे डरकर आरोपी ने जो कहा वह कर दिया। आरोपियों ने न तो पार्टनरशिप की और न ही रकम का भुगतान किया। अखिलेश दुबे से संपर्क किया तो उसने भी गाली गलौज कर भगा दिया। उन्होंने जून 2023 में कलक्टरगंज थाने में सनी चुग, हिमानी चुग और सुनील चुग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। डरकर अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा का नाम नहीं लिखाया। एफआईआर के जवाब में अखिलेश दुबे ने सनी चुग से फजलगंज थाने में रिपोर्ट करा दी। बाद में अखिलेश दुबे ने ऑफिस बुलाया और कहा कि सनी चुग, हिमानी चुग और सुनील चुग के खिलाफ जो मुकदमा लिखाया है उसमें हाईकोर्ट में जाकर समझौता कर लो नहीं तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने डर के कारण सब समझौता कर लिया। स्टाफ ऑफिसर राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि एसआईटी को मामले की जांच सौंपी गई है।
