संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sat, 26 Oct 2024 01:55 AM IST
उरई। मासूम से दुष्कर्म का दोष साबित होने पर न्यायाधीश ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर पांच लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर पांच साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। घटना के दो महीने बाद ही कोर्ट का फैसला आ गया। जिले में नए कानून के तहत यह पहली सजा है।
कुठौंद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने थाना पुलिस को 13 अगस्त 2024 को तहरीर देकर बताया था कि उसकी छह साल की मासूम बेटी 9 अगस्त 2024 को घर के बाहर खेल रही थी तभी गांव के ही लल्लन सिंह मासूम बेटी को अपने घर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। रोते हुए मासूम जब अपने घर पहुंची तो मां को पूरी बात बताई।
पीड़िता का कहना है कि इसके पहले भी मासूम के साथ कई बार पीपल के पेड़ के नीचे व नलकूप पर ले जाकर दुष्कर्म करता था। शिकायत करने पर डराता धमकता था। जिससे डरकर बच्ची ने कभी घर में नहीं बताया। पुलिस ने नए कानून के तहत रिपोर्ट दर्ज कर लल्लन सिंह को 14 अगस्त 2024 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस ने 18 अगस्त 2024 को पॉक्सो कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। कोर्ट में दो माह सात दिन चले ट्रायल के बाद बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट मोहमद कमर ने लल्लन सिंह को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी ठोंका।