
लिफ्ट गिरने की घटना का सीसीटीवी फुटेज आया सामने।
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विराट एमएस मंडुवाडीह में रहने वाले डाॅ. प्रत्युष रंजन ने बिल्डर की शिकायत डीएम और मंडुवाडीह पुलिस से की। साथ ही डीएम से इसकी सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की। पुलिस ने बिल्डर से लिफ्ट सर्विसिंग का प्रमाण पत्र मांगा है। रविवार को एमएस विराट विला में सुबह लिफ्ट गिर गई थी। इससे दो लोग घायल हो गए थे।
शिकायत के बाद पुलिस ने बिल्डर को फोन करके थाने बुलवाया। हालांकि बिल्डर ने बाहर होने की बात बताई। अपने दो कर्मचारियों को मंडुवाडीह थाने पर भेजा। थानाध्यक्ष भरत उपाध्याय ने बताया कि बिल्डर को दो टूक बताया गया है कि वह लिफ्ट सर्विसिंग के कागजातों का प्रमाण प्रस्तुत करें। बिल्डर ने कहा कि वह अभी बाहर हैं आते ही वह कागज दिखा देंगे। उधर डाक्टर ने डीएम को भेजे शिकायती पत्र में पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए जांच की मांग की है।
सोसाइटी या बिल्डर की होती है लिफ्ट मेंटेनेंस की जिम्मेदारी
नियमानुसार बड़ी बिल्डिंगों में लगे लिफ्ट मेंटेनेंस की जिम्मेदारी सोसाइटी या बिल्डर की होती है। शहर में 495 बड़ी बिल्डिंगों में लिफ्ट लगे हैं। हर साल लिफ्ट लगाने वाली कंपनियों इसका मेंटेनेंस करती हैं। इसके लिए बाकायदा बिल्डिंग की सोसाइटी या सोसाइटी न होने पर बिल्डर की ओर से लिफ्ट कंपनियों से मेंटेनेंस का एग्रीमेंट होता है। हर दो से तीन महीने पर लिफ्ट कंपनियां इसकी जांच करती रहती हैं। यदि कोई खराबी होती है तो उसकी मरम्मत कराई जाती है। ज्यादातर बिल्डिंग सोसाइटी के हवाले हैं जबकि कुछ बिल्डिंग में अभी सोसाइटी का गठन न होने के कारण बिल्डरों की देखरेख में है।
