
सांकेतिक तस्वीर
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25 जून को आपातकाल की 48वीं वर्षगांठ को भाजपा प्रदेश में काला दिवस के रूप में मनाएगी। पार्टी इस दिन प्रदेश भर में युवाओं को कांग्रेस की शासन में देश में लगाए गए आपातकाल की कहानी बताएगी। पार्टी का मकसद आगामी लोकसभा चुनाव में युवा वोट बैंक को साधना है।
प्रदेश में 15 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से करीब 50 फीसदी युवा मतदाता हैं। आगामी लोकसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों के लिए युवा मतदाताओं के वोट बैंक का महत्व है। भाजपा ने एक ओर जहां युवाओं को साधने के लिए युवा मोर्चा के स्तर पर नव मतदाता सम्मेलन, नव मतदाता संपर्क जैसे कार्यक्रम शुरू किए हैं।
वहीं 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें बताया जाएगा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने किस तरह देश पर आपातकाल थोपा था। आपातकाल का विरोध करने पर जनसंघ और आरएसएस के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को जेल में बंद कर किस तरह की यातनाएं दी गई थी।
युवाओं को बताया जाएगा कि आरएसएस और जनसंघ के संघर्ष के कारण तत्कालीन हुकुमत को आपातकाल हटाने पर मजबूर होना पड़ा था। इन कार्यक्रमों में युवाओं को मोदी सरकार के नौ वर्ष की उपलब्धियां बताई जाएगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि नई पीढ़ी को आपातकाल का इतिहास बताना आवश्यक है। 25 जून को होने वाले कार्यक्रमों में युवाओं को आपातकाल की कहानी बताई जाएगी।