
– फोटो : amar ujala
विस्तार
गोमतीनगर इलाके से लगे भैंसोरा गांव में नगर निगम ने मंगलवार को विरोध के बीच 68 हजार वर्गफीट जमीन अवैध कब्जे से मुक्त कराई है। दबंगों ने प्लॉटिंग कर इसे बेच दिया था। मौके पर प्लाॅटों की नींव भी भर गई थी। जमीन की बाजार कीमत करीब 30 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
नगर निगम के नायब तहसीलदार संजय सिंह ने बताया कि भैंसोरा गांव में गाटा संख्या 63 की जमीन अभिलेखों मेंं नवीन परती दर्ज है। यानि यह सरकारी जमीन है। इस खसरा नंबर की 68 हजार वर्गफीट जमीन को दबंगों ने प्लॉटिंग कर बेच दिया था। मौके पर 30 प्लाॅटों की नींव भर गई थी, जिसे विरोध के बीच ध्वस्त कर दिया गया है।
नायब तहसीलदार ने बताया कि नगर निगम की जमीनों के सर्वे के दौरान डेढ़ महीने पहले यह जमीन खाली थी। उसके बाद इसे दबंगों ने प्लाटिंग कर बेच दिया। यह जमीन गोमतीनगर विस्तार में नोवा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के पास है। यहां पर प्लॉटिंग इस तरह की गई थी कि जैसे गेटेड काॅलोनी बसाए जाने की तैयारी हो। खाली कराई गई जमीन की कीमत करीब 30 करोड़ रुपये है।
अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि सरकारी जमीनों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए लगातार अभियान चलता रहेगा।
