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अयोग्य अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपने से टली परीक्षा
लखनऊ। पीजीआई प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। शासन की आपत्तियों के बावजूद वित्त सेवा की निर्धारित योग्यता नहीं रखने वाले अधिकारी को प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंप दी गई। यही अधिकारी भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था भी संभाल रहे थे। रविवार को परीक्षा इंतजामों में अव्यवस्था और गड़बड़ियों के आरोपों के बीच हॉस्पिटल अटेंडेंट और नर्सिंग ऑफिसर की स्टेज-2 ऑफलाइन परीक्षाएं टालनी पड़ीं। इससे हजारों अभ्यर्थियों को परेशानी उठानी पड़ी।
पीजीआई प्रशासन ने संयुक्त निदेशक सामग्री प्रबंधन (जेडीएमएम) प्रकाश सिंह को संयुक्त निदेशक प्रशासन (जेडीए) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था। इस फैसले पर शासन पहले ही आपत्ति जता चुका था। शासन की अपर निदेशक कृतिका शर्मा ने एक सितंबर को संस्थान के निदेशक डॉ. आरके धीमन को पत्र भेजकर इस नियुक्ति पर सवाल उठाए थे।
पत्र में स्पष्ट किया गया था कि संयुक्त निदेशक प्रशासन का पद वित्त सेवा से संबंधित है और प्रकाश सिंह निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करते हैं। साथ ही एक अधिकारी को एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी देने से कामकाज प्रभावित होने की आशंका भी जताई थी। इसके बावजूद पीजीआई प्रशासन ने शासन की आपत्तियों को दरकिनार कर उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी। बाद में भर्ती परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी भी उन्हीं को दे दी गई।
रविवार को देशभर के अभ्यर्थियों के लिए हॉस्पिटल अटेंडेंट और नर्सिंग ऑफिसर की स्टेज-2 परीक्षा आयोजित होनी थी। हालांकि, परीक्षा के इंतजामों में सामने आई अव्यवस्थाओं के चलते दोनों परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ीं। नर्सिंग ऑफिसर परीक्षा निरस्त करने का नोटिफिकेशन भी परीक्षा प्रकोष्ठ ने एक नवंबर को जारी किया।
परीक्षा स्थगित होने से दूसरे राज्यों से लखनऊ पहुंचे अभ्यर्थियों का समय और पैसा बर्बाद हुआ। संस्थान ने अगली परीक्षा तिथि बाद में घोषित करने की बात कही है। शासन की पूर्व आपत्तियों के बाद परीक्षा व्यवस्था में सामने आई गड़बड़ियों ने प्रशासनिक फैसलों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

