Missing child strangled to death, dead body found at neighbor's house

लालगंज कोतवाली क्षेत्र में हत्या के बाद बेसुध मां को ढांढस बंधाते परिजन। संवाद

मध्य प्रदेश से एक सप्ताह पहले मां संग ननिहाल आया था आयुष

आरोपी ने पूछताछ में बताया, फिरौती के लिए किया था अपहरण

लालगंज (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र के सैमसी गांव में बुधवार की सुबह लापता बच्चे की गला घोटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने पड़ोसी के घर से बच्चे का शव बरामद किया। बच्चे का गला रस्सी से घोटा गया और हाथ, पैर भी रस्सी से बंधे मिले। एक सप्ताह पहले ही बच्चा अपनी मां के साथ ननिहाल आया था। वह घर का इकलौता चिराग था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। आरोपी को दबोचकर पूछताछ की जा रही है।

मध्य प्रदेश जिले के गजबासौदा जिला विदिशा निवासी संतोष तिवारी की पत्नी रुपाली अपने 10 वर्षीय बेटे सानिध्य उर्फ आयुष तिवारी के साथ एक सप्ताह पहले अपने मायके सैमसी आई थी। बुधवार की सुबह सानिध्य खेलने की बात कहकर घर से निकला। काफी देर तक नहीं लौटा तो परिवारीजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर बच्चे की खोजबीन शुरू की। देर रात पुलिस ने घरों की तलाशी भी ली।

पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की और बाद में बच्चे के शव को पड़ोस के ही गंगाशरण मिश्रा के घर से बरामद कर लिया। बच्चे की रस्सी से गला घोट कर हत्या कर दी गई। उसके हाथ पैर रस्सी से बंधे मिले। हत्या आरोपियों ने बच्चे के मुंह पर अंडरवियर बांध रखा था। वारदात के बाद मां रूपाली, पिता संतोष, नानी शशि मिश्रा, नाना कृष्ण कुमार मिश्रा का रो-रोकर कर बुरा हाल है। प्रभारी निरीक्षक शिवशंकर सिंह ने बताया कि गांव के ही युवक आशुतोष अवस्थी को हिरासत में लिया गया है। हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

फिरौती के लिए किया था अगवा, पकड़े जाने के डर से मार डाला

गुमशुदा बच्चे की हत्या के आरोपी आशुतोष ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसे लगा कि वह बच्चे को अपहृत कर उसके मामा से फिरौती के रूप में अच्छी खासी रकम मांगेगा, लेकिन ऐसा करने से पहले ही उसने बच्चे की गला दबाकर हत्या कर दी। बताया कि बच्चे को बंधक बनाते समय उसने विरोध करना शुरू किया तो उसे अपने पकड़े जाने का डर सताने लगा और उसने बच्चे की गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में वह बच्चे के परिवारीजनों के साथ-साथ रहकर बच्चे की खोजबीन करने में मदद कर रहा था। उसने पुलिस को बताया कि मृतक आयुष अन्य बच्चों के साथ बैट-बाॅल खेल रहा था। खेलते समय अचानक बाॅल पास के ही गंगाशरण के घर के अंदर चली गई। वह आयुष को लेकर घर के पिछवाड़े से अंदर गया। बाहर बच्चे खेल में मशगूल रहे और इस दौरान उसने आयुष के हाथ पैर बांधे और मुंह को कपड़े से ढक दिया। ऐसा करते समय जब मृतक संघर्ष करने लगा तो आरोपी ने उसका गला दबा कर हत्या कर दी।

देर शाम जब पुलिस ने आशंका के आधार पर गांव के कई लोगों से पूछताछ की तो आरोपी ने पहले तो पुलिस को गुमराह किया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना कृत्य कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बृहस्पतिवार को तड़के करीब पांच बजे शव को बताए गए स्थान से बरामद कर लिया। सूचना पर एएसपी नवीन कुमार, सीओ महिपाल पाठक सहित आसपास के कई स्थानों की पुलिस गांव पहुंची।



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