अक्षय तृतीया स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इसी तिथि में त्रेतायुग का प्रारंभ भी हुआ था। इसमें विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार आदि सभी कार्य किए जा सकते हैं।
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खबर वहीं जो सत्य हो©
अक्षय तृतीया स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इसी तिथि में त्रेतायुग का प्रारंभ भी हुआ था। इसमें विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार आदि सभी कार्य किए जा सकते हैं।
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