सीतापुर। लखनऊ स्थित संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) की नर्सिंग ऑफिसर की परीक्षा में हुई धांधली के मामले में स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने तालगांव पुलिस संग मिलकर खैराबाद मार्ग पर सॉल्वर गिरोह के एक बदमाश को पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी जुगाड़ से कक्ष निरीक्षक बनता था। टीसीएस के अधिकारियों के इशारे पर इसी ने परीक्षार्थियों तक उत्तर कुंजी पहुंचाई थी। एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि आरोपी पर 25 हजार का इनाम था। उसे जेल भेज दिया गया है।

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तालगांव के केपी सिंह मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी में 15 व 16 जुलाई को एसजीपीजीआई की नर्सिंग ऑफिसर की परीक्षा थी। परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने के आरोप लगे थे। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की।

एसटीएफ भी जांच में लगी है। उधर, मंगलवार देर रात पुलिस की टीम कसरैला-खैराबाद मार्ग पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को रेलवे क्रॉसिंग के पहले भुड़कुड़ी मोड़ के पास लखनऊ के थाना बक्शी का तालाब क्षेत्र के टिकारी गांव निवासी सुजीत रावत नजर आया। रोकने पर वह भागने लगा। इसके बाद पुलिस व एसटीएफ की टीम ने उसे दबोच लिया। उसके पास से एक मोबाइल बरामद हुआ है। एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि लखनऊ एसटीएफ की मदद से आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। सुजीत रावत पर 25 हजार रुपये का इनाम था। उसे जेल भेज दिया गया है।

जुगाड़ से बना था कक्ष निरीक्षक, पहुंचाया था पर्चा

पुलिस के मुताबिक सुजीत इस मामले में जेल भेजे गए टीसीएस के अधिकारियों उत्कर्ष मिश्रा, अंकित श्रीवास्तव व गौरव राजवंशी का खास है। इसको सेटिंग से अक्सर कक्ष निरीक्षक बना दिया जाता था। ताकि परीक्षार्थियों को कोई दिक्कत न हो। जांच में पता चला कि सुजीत उस कक्ष का निरीक्षक नहीं था, जिसमें नकलची बैठे थे। जब टीसीएस के अधिकारियों ने सर्वर पर एक्सटेंशन सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर पेपर कॉपी किया तो सुजीत ने टीसीएस के अधिकारियों से पर्चा लेकर अभ्यर्थियों तक पहुंचाया था। वह ही अभ्यर्थियों की देखभाल कर रहा था।

टिकारी ग्राम प्रधान का भाई है सुजीत

आरोपी सुजीत रावत लखनऊ के टिकारी गांव के प्रधान विनीत रावत का भाई है। सबसे बड़ा भाई रंजीत, इससे छोटा विनीत, तीसरे नंबर का भाई सुजीत और सबसे छोटा शुभम है।

लखनऊ की कोचिंग से जुड़े तार

पुलिस सूत्रों की मानें तो सुजीत ने बख्शी का तालाब स्थित एसआर कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके बाद जानकीपुरम में एक कोचिंग में काम किया। इस कोचिंग में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग कराई जाती है। सूत्रों की मानें तो इन्हीं कोचिंग संस्थानों में सुजीत ऐसे बच्चों को तलाश करता था, जो प्रतियोगी परीक्षा के पेपर के बदले मोटी रकम दे सकें। इसी साल से उसने कोचिंग में काम करना बंद किया था।

नौ साल पहले दर्ज हुआ था मारपीट का मुकदमा

आरोपी सुजीत रावत पर वर्ष 2015 में जनपद लखनऊ के बख्शी का तालाब थाने में मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में सुजीत को पुलिस ने पकड़ा भी था। इसके बाद से सुजीत का गलत संगत के लोगों के साथ उठना-बैठना शुरू हो गया।

राजस्थान व कानपुर कनेक्शन खंगाल रही एसटीएफ

पुलिस सूत्रों की मानें तो सीतापुर क्राइम ब्रांच, तालगांव पुलिस, एसटीएफ इस परीक्षा धांधली के कानपुर कनेक्शन की तलाश कर रही है। एक टीम कानुपर में डेरा डाले हैंं। वहीं, राजस्थान से भी इस गिरोह के तार जोड़े जा रहे हैं।

अब तक इनकी हुई गिरफ्तारी

उत्कर्ष मिश्रा, अंकित श्रीवास्तव, गौरव राजवंशी- टीसीएस अधिकारी

अमित मिश्रा- लैब सहायक

संजय पांडेय- केंद्र व्यवस्थापक

हेमंत कुमार, मनमोहन योगी, दिनेश सैनी, धन सिंह मीना, खुशीराम मीना, मिथिलेश मीना, जगदीश माली और आशीष गुर्जर- अभ्यर्थी



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