
जितेंद्र कुमार
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करोड़ों की जमीन पर कब्जे के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद अमित अग्रवाल के बाद दूसरी गिरफ्तारी मुख्य आरोपी एसआई जितेंद्र कुमार की हुई। वह जिस थाने में एसओ थे, उसी थाने की पुलिस उन्हें कोर्ट लेकर पहुंची। हालांकि उनकी गिरफ्तारी की भनक मीडिया को नहीं लगने दी गई। कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
जितेंद्र कुमार वर्ष 2015 बैच के एसआई हैं। उन्हें वर्ष 2017 में आगरा में तैनाती मिली। वह 20 जून से 15 नवंबर 2023 तक थाना जगदीशपुरा में तैनात रहे। इससे पहले वह थाना पिनाहट में एसओ रहे थे। उन्हें एक मामले में लाइन हाजिर किया गया था। यहां के बाद उन्हें थाना सिकंदरा की रुनकता चौकी का प्रभारी बनाया गया। तब दूसरे समुदाय के युवक द्वारा एक युवती को ले जाने के बाद बवाल हुआ था। आगजनी की गई थी। तीन घरों को जला दिया गया था। इस मामले में जितेंद्र कुमार को निलंबित किया गया था। विभागीय जांच भी हुई थी।
इसके बावजूद एसओ पर अधिकारियों की मेहरबानी रही। उसे खंदौली थाना की टोल प्लाजा चौकी पर तैनात कर दिया गया। यहां से थाना बरहन का एसएसआई बनाया। मगर, कुछ देर में ही थाना जगदीशपुरा भेज दिया गया। थाने में तैनाती के दौरान फर्जी मुकदमे दर्ज कर 5 निर्दोषों को जेल भेज दिया।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में एसओ ने भले ही जमीन प्रकरण में मुंह नहीं खोला, मगर अपनी तैनाती को लेकर खुलकर बताया। उन्होंने एक चर्चित का नाम बताया है। वह अक्सर थानों में तैनाती के मामले में चर्चित भी रहता है। एसओ ने जिन लोगों के नाम लिए, उनके बारे में अधिकारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है।
