अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। लखनऊ में शिक्षा का व्यवसायीकरण संबंधी जांच समिति के सामने एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी ने चिटफंड विभाग के पूर्व रजिस्ट्रार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। एमएलसी ने कहा कि तबादले के बाद पूर्व रजिस्ट्रार ने एक दिन में 20 से ज्यादा आदेश किए। इस मामले की शासन स्तर से जांच करवाई जाए।
एमएलसी ने समिति के समक्ष आरोप लगाया कि पूर्व रजिस्ट्रार तबादला होने के दो बाद भी कार्यालय में बैठकर फाइलें निपटा रहे थे। केएन मिश्रा द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी का हवाला दिया। कहा कि आरटीआई से कुछ वीडियो भी प्राप्त हुए हैं। इसमें पूर्व रजिस्ट्रार कार्यालय में बैठे काम करते नजर आ रहे हैं। दावा किया कि ये 18 जुलाई का का वीडियो है, जब नए रजिस्ट्रार ने कार्यभार ग्रहण किया। जबकि, पूर्व रजिस्ट्रार का दो दिन पहले ही तबादला हो चुका था। जब पूर्व रजिस्ट्रार कुर्सी में बैठकर कामकाज निपटा रहे थे, उस समय उनके बगल में मौजूदा रजिस्ट्रार भी बैठे थे। एमएलसी ने ये भी कहा कि विभाग ने जो वीडियो उपलब्ध कराया है, उसकी तिथि के साथ भी छेड़छाड़ की गई है क्योंकि वीडियो में तिथि 14 जुलाई दिख रही है। उन्होंने पूरे मामले की शासन से जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
