मुरादाबाद में गरीबों को मुफ्त इलाज देने वाली आयुष्मान योजना अब दस्तावेजों के फेर में फंसती नजर आ रही है। जिला अस्पताल की आयुष्मान डेस्क पर रोज ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनकी उम्र आधार कार्ड और राशन कार्ड में अलग-अलग दर्ज है।सिस्टम में उम्र का मिलान न होने से उनके आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहे।
नतीजा यह कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग इलाज के बजाय दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। अस्पताल में कई मरीज घंटों लाइन में लगने के बाद जब काउंटर तक पहुंचते हैं तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि पहले दस्तावेज सही कराएं।
किसी की उम्र आधार में 52 साल है तो राशन कार्ड में 58 साल दर्ज है। कहीं जन्मतिथि बदल गई तो कहीं नाम और उम्र दोनों में अंतर है। ऐसे मामलों में पोर्टल आवेदन स्वीकार नहीं कर रहा। गरीब परिवारों के सामने सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि दस्तावेज ठीक कराने के लिए तहसील, जनसेवा केंद्र और पूर्ति विभाग के चक्कर अलग लगाने पड़ रहे हैं।