जनपद Muzaffarnagar में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन सवेरा” के अंतर्गत पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक कथित ड्रग किंगपिन की 80 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियां जब्त कर ली हैं। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तहत उत्तर प्रदेश में संपत्ति जब्तीकरण की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में गिनी जा रही है और उत्तर भारत में भी इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। 🚨

पुलिस की इस कार्रवाई ने अवैध नशा कारोबार में संलिप्त नेटवर्क को कड़ा संदेश दिया है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों को किसी भी स्थिति में सुरक्षित नहीं रहने दिया जाएगा।


एनडीपीएस एक्ट के तहत 34 संपत्तियों पर चला जब्तीकरण का बुलडोजर

पुलिस द्वारा की गई विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद सक्षम प्राधिकारी के आदेश पर अभियुक्त बाबू उर्फ रियाज उर्फ असफाक पुत्र सरताज द्वारा स्वयं तथा अपने परिजनों और रिश्तेदारों के नाम पर अर्जित कुल 34 संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की गई। इन संपत्तियों का बाजार मूल्य 80 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है।

यह संपत्तियां मुख्य रूप से Bareilly और Shahjahanpur जनपदों में स्थित बताई जा रही हैं, जिन्हें कथित तौर पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से खरीदा गया था।


डीआईजी के निर्देशन में चल रहा था “ऑपरेशन सवेरा” अभियान

मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे इस विशेष अभियान को सहारनपुर परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक Abhishek Singh के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य संगठित नशा तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और अवैध कमाई के स्रोतों को समाप्त करना है।

इसी अभियान के तहत थाना बुढ़ाना पुलिस ने पहले भी अभियुक्त से संबंधित करोड़ों रुपये कीमत की स्मैक बरामद की थी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई को मजबूत किया गया।


अवैध तस्करी से अर्जित संपत्तियों की पुलिस ने की विस्तृत जांच

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Sanjay Kumar Verma के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण Aditya Bansal के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर अभियुक्त की संपत्तियों की विस्तृत जांच कराई गई।

जांच के दौरान यह पाया गया कि अभियुक्त ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के माध्यम से करोड़ों रुपये की संपत्तियां अर्जित की थीं, जिन्हें अपने परिजनों और रिश्तेदारों के नाम पर भी स्थानांतरित किया गया था। पुलिस टीम ने इन सभी संपत्तियों का दस्तावेजी सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की।


सक्षम प्राधिकारी के आदेश पर की गई ऐतिहासिक जब्ती कार्रवाई

एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 68(एफ) के तहत पुलिस द्वारा सक्षम प्राधिकारी के समक्ष विस्तृत साक्ष्य और पैरवी प्रस्तुत की गई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि संपत्तियां अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं।

इसके बाद 24 मार्च को सक्षम प्राधिकारी ने अभियुक्त बाबू उर्फ रियाज उर्फ सरताज तथा उनके परिजनों के नाम पर दर्ज कुल 34 संपत्तियों के जब्तीकरण के आदेश जारी कर दिए। आदेश के बाद पुलिस ने संपत्तियों को विधिवत जब्त करने की प्रक्रिया पूरी की।


उत्तर प्रदेश में संपत्ति जब्तीकरण की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में शामिल

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई न केवल मुजफ्फरनगर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई सबसे बड़ी संपत्ति जब्ती कार्रवाइयों में से एक है। इस कार्रवाई से अवैध नशा कारोबार से जुड़े नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों पर इस प्रकार की कार्रवाई भविष्य में नशा तस्करों के लिए कड़ा संदेश साबित होगी।


परिजनों और रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियां भी आईं जब्ती के दायरे में

जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि अभियुक्त ने अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से कई संपत्तियां परिजनों और रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी थीं। पुलिस ने इन सभी संपत्तियों को चिन्हित कर जब्ती प्रक्रिया में शामिल किया।

यह कार्रवाई संगठित अपराध से अर्जित संपत्ति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


नशा तस्करी के खिलाफ जारी रहेगा अभियान

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। “ऑपरेशन सवेरा” के अंतर्गत अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार निगरानी और अभियान चलाए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता भी आवश्यक है।


अपराध से अर्जित संपत्ति सुरक्षित नहीं—पुलिस का सख्त संदेश

इस कार्रवाई के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अवैध गतिविधियों के जरिए अर्जित संपत्ति को किसी भी स्थिति में संरक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। कानून के दायरे में रहते हुए ऐसी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि यदि उन्हें मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित कोई सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को अवगत कराएं, जिससे समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


ऑपरेशन सवेरा के अंतर्गत 80 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्तियों के जब्तीकरण की यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की सख्त नीति को दर्शाती है, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि अपराध से अर्जित संपत्ति पर कानून का शिकंजा लगातार कसता रहेगा और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।

 



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